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कोरोना मरीजों का ब्लड टेस्ट बताएगा, संक्रमण के बाद मौत की कितनी आशंका: शोध

Sun, 07 Jun 2020 08:27 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मरीज की जांच करते डॉक्टर (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
चीन के वुहान से दुनियाभर के 200 से ज्यादा देशों में फैले कोरोना वायरस का संक्रमण हर दिन बढ़ रहा है। यह वायरस है तो जानलेवा, लेकिन इससे संक्रमित होने के बाद जरूरी नहीं कि लोगों की मौत ही हो जाए। इसके लक्षणों के इलाज के जरिए कुल संक्रमित लोगों में से लगभग आधे बिल्कुल ठीक हो चुके हैं। कोरोना संक्रमण के बाद मरीज की मौत होने की संभावना उसकी इम्यूनिटी, खानपान और इलाज पर निर्भर करती है। इसके अलावा पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने के कारण भी संक्रमित मरीजों को जान का खतरा ज्यादा रहता है। सवाल यह है कि क्या कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की संभावना का पता लगाया जा सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ब्लड टेस्ट के जरिए ऐसा संभव होगा। 
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शोधकर्ताओं ने ब्लड में मौजूद ऐसे 27 प्रोटीन की पहचान की है - फोटो : PTI
शोधकर्ताओं ने ढूंढा तरीका
  • लंदन के फ्रेंसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने ऐसा तरीका ढूंढा है, जिसमें ब्लड टेस्ट के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि किन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत का खतरा ज्यादा है। सेल सिस्टम जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने ब्लड में मौजूद ऐसे 27 प्रोटीन की पहचान की है, जिसका स्तर जानकर बताया जा सकेगा कि कोरोना मरीज की स्थिति सुधरेगी या और बिगड़ सकती है। 
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अमेरिकी शहर सीटेल के पास मास्क पहने घूमती दो युवती(File Photo) - फोटो : PTI
कम खर्च में ज्यादा जांच 
  • शोधकर्ताओं का कहना है कि मरीजों में कोरोना का असर पता करने के लिए स्पेक्ट्रोमीटर की मदद ली जा सकती है। इसमें बेहद कम खर्च में ऐसा किया जा सकता है और सुविधाजनक बात ये है कि ऐसे उपकरण अस्पतालों में आसानी से उपलब्ध होते हैं। रिपोर्ट के जरिए शरीर में ब्लड प्रोटीन के पैटर्न को समझा जा सकता है। 

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Fight Against Corona - फोटो : ANI
बर्लिन में किया प्रयोग
  • शोधकर्ताओं ने बर्लिन के एक चैरिटी अस्पताल में कोरोना के 48 मरीजों पर यह प्रयोग किया। परिणाम के रूप में सामने आया कि शरीर में अंदरूनी सूजन से इंटरल्यूकिन आईएल-6 प्रोटीन का कनेक्शन है। गंभीर संक्रमण वाले कोरोना के मरीजों में यह प्रोटीन अधिक होने पर सूजन होती है।
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कोरोना वायरस - फोटो : PIB
इलाज की जरुरत बताएगा टेस्ट
  • शोधकर्ताओं के मुताबिक, आईएल-6 प्रोटीन बायोमार्कर डॉक्टरों को यह बताने में मदद करेगा कि मरीज अगर कोरोना संक्रमित हुआ तो कितना बीमार होगा अगर कोरोना का संक्रमण हुआ। इसके अलावा प्रोटीन के पैटर्न को देखकर पता लगाया जा सकता है कि कोरोना के मरीज को किस हद तक इलाज की जरूरत है।
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