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Covid-19: पूर्व सीएम अशोक गहलोत कोविड-19 और स्वाइन फ्लू से संक्रमित, कितना गंभीर होता है एक साथ दो संक्रमण?

Sat, 03 Feb 2024 05:05 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना संक्रमित - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण के मामले अब भी वैश्विक स्तर पर बढ़ते देखे जा रहे हैं। भारत में भी ओमिक्रॉन और इसके सब-वैरिएंट JN.1 के कारण संक्रमण के मामले पिछले कुछ महीनों में बढ़े हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भले ही देश में संक्रमण की रफ्तार काफी नियंत्रित है, फिर भी इससे लोगों को खतरा हो सकता है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया है, इसके साथ ही उनमें स्वाइन फ्लू की भी पुष्टि की गई है। 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, "पिछले कुछ दिनों से बुखार होने के कारण डॉक्टरों की सलाह पर परीक्षण कराया, जिसमें कोविड और स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अगले सात दिन लोगों से नहीं मिल पाऊंगा।  पूर्व मुख्यमंत्री को बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यहां बड़ा सवाल ये है कि कोविड-19 के साथ स्वाइन-फ्लू की समस्या कितनी गंभीर हो सकती है, इससे किस प्रकार के स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा हो सकता है?
 
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कोरोना संक्रमण का खतरा - फोटो : istock
कोविड-19 और स्वाइन फ्लू का संक्रमण

कोविड-19 ऊपरी श्वसन तंत्र का गंभीर संक्रमण है, इसके साथ एक और श्वसन संक्रमण की स्थिति किस प्रकार से समस्याकारक हो सकती है?

इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोविड-19 और स्वाइन फ्लू का को-इंफेक्शन स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाला हो सकता है। पल्मोनोलॉजी डॉ अरविंद कपूर कहते हैं, "कुछ रोगियों में कोविड-19 और फ्लू का संक्रमण एक साथ होने का भी खतरा रहता है। अगर समय पर इस को-इंफेक्शन का इलाज न मिल पाए तो इसके लक्षणों के खतरनाक रूप लेने का भी जोखिम हो सकता है।
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दो श्वसन संक्रमण - फोटो : Pixabay
को-इंफेक्शन के कारण होने वाली समस्याएं

डॉक्टर कहते हैं, दोनों मुख्यरूप से वायरल संक्रमण हैं, हालांकि को-इंफेक्शन के साथ रोगियों में खांसी और नाक के लक्षण अधिक होने का खतरा हो सकता है। यदि रोगियों की प्रतिरक्षा कमजोर है को-इंफेक्शन के कारण उन्हें सांस फूलने जैसी श्वसन संबंधी समस्याएं होने का जोखिम भी बढ़ सकता है। को-इंफेक्शन वाले रोगियों के आईसीयू में भर्ती होने के जोखिम भी अधिक देखा जाता रहा है।

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कोरोना का संक्रमण - फोटो : iStock
को-इंफेक्शन के कैसे होते हैं लक्षण?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोविड-19 और स्वाइन फ्लू के एक साथ संक्रमण की स्थिति में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, थकान और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं जैसे लक्षण अधिक देखे जाते हैं।  कुछ दुर्लभ स्थितियों में गंध और स्वाद न आने, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द जैसी जटिलताओं का भी खतरा हो सकता है। दो श्वसन वायरस के एक साथ संक्रमण की स्थिति के कारण कुछ लोगों को उल्टी और दस्त जैसी पाचन संबंधी जटिलताओं का भी खतरा हो सकता है।
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कोरोना से बचाव जरूरी - फोटो : Istock
गंभीर रोग का हो सकता है खतरा

सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के वैज्ञानिक ने एक ट्वीट में बताया, कोविड-19 और फ्लू की समस्या एक साथ हो सकती है, इसमें रोगी को समय रहते सही उपचार की आवश्यकता होती है जिससे लक्षणों की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सके। इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने वाले उपाय करके इसके खतरे और गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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