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श्रद्धालुओं के लिए खोली गई वैष्णो देवी की प्राकृतिक गुफा, कीजिए दर्शन और जानिए इससे जुड़े रहस्य

Thu, 11 Feb 2021 12:36 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
करीब एक साल बाद माता वैष्णो की प्राकृतिक गुफा के कपाट भक्तों के लिए बुधवार को खोल दिए गए। श्रद्धालु प्राकृतिक गुफा से गुजरकर पिंडियों के दर्शन कर सकेंगे। प्राकृतिक गुफा कुछ दिन ही खुली रहेगी। मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के मौके पर इस गुफा को खोला जाता था। इस वर्ष भी खोला गया परंतु कोरोना महामारी के कारण सिर्फ पूजा-अर्चना के लिए। भक्तों को वहां से जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बाद बुधवार को श्रद्धालुओं की संख्या लगभग छह हजार पहुंचने के बाद इसे खोलने का फैसला किया गया। हालांकि गुफा कब तक खुली रहेगी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। 

आगे की स्लाइड में जानिए प्राकृतिक गुफा के बारे में कुछ अहम बातें--
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
भगवान विष्णु के अंश से उत्पन्न मां वैष्णो का एक अन्य नाम देवी त्रिकुटा भी है। देवी त्रिकुटा यानी मां वैष्णो देवी का निवास स्थान जम्मू-कश्मीर में माणिक पहाड़ियों की त्रिकुटा श्रृंखला में से एक गुफा में है। देवी त्रिकुटा के निवास के कारण माता का निवास स्थान त्रिकुटा पर्वत कहा जाता है।
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए वर्तमान में जिस रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है वह गुफा में प्रवेश का प्रकृतिक रास्ता नहीं है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए कृत्रिम रास्ते का निर्माण 1977 में किया गया। वर्तमान में इसी रास्ते से श्रद्धालु माता के दरबार में प्रवेश पाते हैं।

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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
किस्मत वाले भक्तों को प्राचीन गुफा से माता के भवन में प्रवेश का मौका मिलता है। दरअसल यह नियम है कि जब कभी भी दस हजार के कम श्रद्धालु होते हैं तब प्राचीन गुफा का द्वार खोल दिया जाता है। आमतौर पर ऐसा शीत काल में दिसंबर और जनवरी महीने में होता है।

 
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
पवित्र गुफा की लंबाई 98 फीट है। गुफा में प्रवेश और निकास के लिए दो कृत्रिम रास्ते बनाए गए हैं। इस गुफा में एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। इस चबूतरे पर माता का आसन है जहां देवी त्रिकुटा अपनी माताओं के साथ विराजमान रहती हैं।

 
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माता वैष्णो देवी धाम - फोटो : अमर उजाला
माता वैष्णो देवी के दरबार में प्राचीन गुफा का काफी महत्व है। श्रद्धालु इस गुफा से माता के दर्शन की इच्छा रखते हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि प्राचीन गुफा के समक्ष भैरो का शरीर मौजूद है ऐसा माना जाता है। माता ने यहीं पर भैरो को अपने त्रिशूल से मारा था और उसका सिर उड़कर भैरो घाटी में चला गया और शरीर यहां रह गया।

 
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