फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कश्मीर: बदहाली के आंसू रो रहा यह प्राचीन मंदिर, खंडहर बयां करते हैं बर्बरता और उपेक्षा की दास्तां

Mon, 12 Apr 2021 12:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 6
मार्तंड सूर्य मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
कश्मीरी स्थापत्य कला का बेहतरीन नमूना, स्तंभों में ग्रीक संरचना, वास्तुकला के चलते विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर श्रीनगर से 60 किलोमीटर दूर दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में स्थित है। इस मंदिर में चीनी, रोमन, ग्रीक और भारतीय शैली की झलक अनूठी झलक भी देखने को मिलती है। भारत के दो विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिरों (कोणार्क और मार्तंड) में मार्तंड सूर्य मंदिर के बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

2 of 6
मार्तंड सूर्य मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
भगवान सूर्य की उपासना के लिए यह मंदिर कर्कोटा वंश के राजा ललितादित्य मुक्तापीड ने बनवाया था। 
विज्ञापन

3 of 6
मार्तंड सूर्य मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
मंदिर के अवशेषों में आज भी कई विशाल खंभे हैं जो किसी किले का अहसास दिलाते हैं। मंदिर की दीवारों पर कई देवी देवताओं की मूर्तियां बनी हुई हैं। कश्मीर घाटी में बना यह सूर्य मंदिर अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है।

4 of 6
मार्तंड सूर्य मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
इस प्राचीन मंदिर के आसपास का नजारा बहुत ही सुंदर है। मंदिर के पूर्वी क्षेत्र में मुख्य प्रवेश द्वार है।
विज्ञापन

5 of 6
मार्तंड सूर्य मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
मंदिर परिसर में 84 खंभे हैं। खंडहर में तब्दील होने के बावजूद अभी भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
मार्तंड सूर्य मंदिर - फोटो : सोशल मीडिया
मंदिर के सरोवर की खूबसूरती तो देखते ही बनती है। चारों ओर विशाल पर्वत हैं, जोकि पर्यटकों को अद्भुत अहसास कराते हैं। मंदिर की वास्तुकला को देखकर आज भी लोग दांतो तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो जाते हैं। लेकिन उपेक्षा का शिकार हुआ यह मंदिर खंडहर में तब्दील हो गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें