कारगिल युद्ध की 22वीं वर्षगांठ पर द्रास पहुंचे परमवीर चक्र विजेता सूबेदार संजय कुमार ने कहा कि हम यहां हर साल आते हैं। इसका मकसद शहीदों को याद करने के साथ ही दुश्मन को युद्ध के अंजाम की याद दिलाना भी है। हिमाचल के रहने वाले सूबेदार संजय कुमार ने कहा कि द्रास बेहद ठंडा क्षेत्र है। पहाड़ों के ऊपर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। वर्ष 1999 में हमें डेढ़ माह खुले आसमान तले दुश्मन से लोहा लेना पड़ा। फौज हमें किसी भी चुनौती से निपटना सिखाती है। लोग याद रखें कि सेना हमेशा उनके लिए है।
संजय कुमार ने कारगिल युद्ध में एरिया फ्लैट टॉप पर कब्जा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें 1999 में परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा कि चार और पांच जुलाई को कारगिल में मश्कोह घाटी में प्वाइंट 5875 पर फ्लैट टॉप पर 11 साथियों के साथ तैनात थे।