दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों को अब और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। अमूमन यहां तैनात सैनिकों को कोल्ड इंज्युरी का सामना करना पड़ता है। साथ ही बर्फीले तूफान तथा हिमस्खलन से कई बार आपात स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। अब इन चुनौतियों से निपटने के लिए सेना ने सियाचिन के 403 फील्ड अस्पताल में क्राइसिस एक्सपेंशन वार्ड की स्थापना की है। यहां ऑक्सीजन थिरैपी तथा डिजिटल रेडियोग्राफी की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। माइनस शून्य से भी कम तापमान में तैनात सैनिकों को कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सांस में तकलीफ के साथ ही दिमागी सूनापन की भी दिक्कतें आती हैं। कोल्ड इंज्युरी तो सामान्य है। इन बीमारियों से निपटने के लिए समय पर जांच तथा चिकित्सा सुविधाएं मिलना जरूरी है। ऐसे में अस्पताल में ऑक्सीजन थिरैपी तथा डिजिटल रेडियोग्राफी सेंटर की स्थापना की गई है।