फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: विदेशों में भी घाटी के केसर की भारी मांग, 226 गांवों में होती है केसर की पैदावार

Sat, 14 Aug 2021 10:08 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
केसर के फूलों को चुनते किसान परिवार - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर घाटी में उगने वाले केसर की महक विदेशों में भी फै ल गई है। वहां से भी इसकी मांग आनी शुरू हो गई है। इसकी तुड़ाई का काम अक्तूबर माह से शुरू होता है और नवंबर में देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों में भेजा जाता है। विदेशों से मांग का कारण जीआई टैगिंग भी है। पहले केसर को बिचौलियों के माध्यम से बेचा जाता था। ऐसे में किसानों को केसर की पूरी कीमत नहीं मिल पाती थी। मगर, अब केसर को किसान सीधा मंडियों के माध्यम से बेचते हैं। ऐसे में तय कीमत भी उनके खातों में आ रही है। मौजूदा समय में होलैंड, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, कैनेडा और अफगानिस्तान समेत अन्य देशों से डिमांड आ रही है। इस बार पचास फीसदी केसर विदेशों में भेजा जाएगा। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन

2 of 5
केसर के फसल की कटाई - फोटो : अमर उजाला
घाटी में 226 गांवों के लोग इस व्यवसाय से लगे हैं।
विज्ञापन

3 of 5
फूलों से केसर अलग करते किसान परिवार - फोटो : अमर उजाला
पहले फसल पर ध्यान न देने के कारण पैदावार में गिरावट आ रही थी।

4 of 5
कश्मीर में केसर की खेती - फोटो : अमर उजाला
अब सरकार की ओर से भी प्रोत्साहित करने और योजनाओं का लाभ मिलने से पैदावार बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
केसर - फोटो : getty images
केसर की पैदावार इस बार उमदा होगी। विदेशों से केसर की डिमांड आ रही है। अक्तूबर माह से तुड़ान शुरू होगा। नवंबर माह से इसे बाजार में उतारा जाएगा। - चौधरी मोहम्मद इकबाल, निदेशक कृषि विभाग कश्मीर

यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: जम्मू में एयरफोर्स स्टेशन पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित लोगों के लिए कार्यक्रम का आयोजन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें