तिरंगे में रंगा लाल चौक का घंटाघर, गुलमर्ग में लहराता 100 फीट ऊंचा तिरंगा, बारामुला से उड़ी तक साइकिल रैली के जरिए युवाओं का जोश और श्रीनगर पुलिस के ट्विटर हैंडल की तस्वीर कश्मीर में बदलाव की तस्दीक करती है। सरकारी कार्यालयों से लेकर सभी प्रमुख प्रतिष्ठान प्रदेश में बदलाव का प्रमाण दे रहे हैं। कभी आतंक के गढ़ रहे इलाकों में लोग घरों से बिना किसी डर के निकलते हैं।
बात अगर जम्मू संभाग की करें तो यहां स्वतंत्रता दिवस के लिए मंदिरों के शहर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। ज्यूल और बिक्रम चौक में परेड देखने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जिसमें परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण चलता रहेगा।
इसके अलावा शहर के मुख्य चौक-चौराहों और पुलों को लाइटों से सजाया जा रहा है। 15 अगस्त को पतंगबाजी और डीजे की धुनों पर भी लोग आजादी का जश्न मनाएंगे। पर्यटन विभाग ने भी अलग-अलग जगहों पर प्रदेश की ऐतिहासिक जगहों के पोस्टर लगाने शुरू कर दिए हैं। पोस्टरों के माध्यम से धार्मिक और अन्य स्थानों के बारे में जानकारी दी जा रही है। सरकारी विभागों के कार्यालयों को भी लाइटों से सजाया जा रहा है।