कोरोना को लेकर फिर खतरे की घंटी बजने के आसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सहित देश के अन्य केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों को कोरोना संक्रमण के प्रसार को लेकर चेताया है। इसमें सितंबर और अक्तूबर महीने अहम बताए गए हैं। अक्तूबर में कोरोना के फिर पीक पर जाने की आशंका है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इस बार बाल चिकित्सा देखभाल पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। शहर के प्रमुख अस्पतालों को तीन डिवीजनों में बांटकर युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। इसमें डिवीजन 1 में एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में कोरोना संक्रमित महिलाओं के प्रसव करवाए जाएंगे। यहीं पर नवजात की भी कोविड चिकित्सा देखभाल की जाएगी। इस अस्पताल के चौथे फ्लोर पर 78 बेड कोविड बाल रोगियों को समर्पित किए गए हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारी की जा रही है। इसी तरह शहर के प्रमुख एसएमजीएच अस्पताल में 1 से 10 साल तक के संक्रमित बच्चों को रखा जाएगा। यहां वार्ड 19 में 20 एचडीयू, 20 आईसीयू बेड के अलावा वार्ड 20 और 21 कोविड बाल रोगियों को समर्पित किया जाएगा। इसमें सभी बेड ऑक्सीजन युक्त होंगे। प्रारंभिक करीब 150 बेडों पर संक्रमित बच्चों को उपचार दिया जाएगा, जिसमें संख्या के हिसाब से विस्तार किया जाएगा। अस्पताल की बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. जीएस सेनी ने बताया कि सभी बेडों को तैयार किया जा रहा है।