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जम्मू-कश्मीर: ठंड में पीक पर जा सकता है कोविड, सितंबर-अक्तूबर में कोरोना से रहें सचेत

Wed, 25 Aug 2021 03:01 PM IST
करिश्मा चिब अमित कुमार, जम्मू
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गांधी नगर अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
कोरोना को लेकर फिर खतरे की घंटी बजने के आसार हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सहित देश के अन्य केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों को कोरोना संक्रमण के प्रसार को लेकर चेताया है। इसमें सितंबर और अक्तूबर महीने अहम बताए गए हैं। अक्तूबर में कोरोना के फिर पीक पर जाने की आशंका है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए इस बार बाल चिकित्सा देखभाल पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। शहर के प्रमुख अस्पतालों को तीन डिवीजनों में बांटकर युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। इसमें डिवीजन 1 में एमसीएच (जच्चा-बच्चा) अस्पताल गांधीनगर में कोरोना संक्रमित महिलाओं के प्रसव करवाए जाएंगे। यहीं पर नवजात की भी कोविड चिकित्सा देखभाल की जाएगी। इस अस्पताल के चौथे फ्लोर पर 78 बेड कोविड बाल रोगियों को समर्पित किए गए हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए सभी जरूरी तैयारी की जा रही है। इसी तरह शहर के प्रमुख एसएमजीएच अस्पताल में 1 से 10 साल तक के संक्रमित बच्चों को रखा जाएगा। यहां वार्ड 19 में 20 एचडीयू, 20 आईसीयू बेड के अलावा वार्ड 20 और 21 कोविड बाल रोगियों को समर्पित किया जाएगा। इसमें सभी बेड ऑक्सीजन युक्त होंगे। प्रारंभिक करीब 150 बेडों पर संक्रमित बच्चों को उपचार दिया जाएगा, जिसमें संख्या के हिसाब से विस्तार किया जाएगा। अस्पताल की बाल रोग विभाग के एचओडी डॉ. जीएस सेनी ने बताया कि सभी बेडों को तैयार किया जा रहा है।
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डीआरडीओ अस्पताल - फोटो : amar ujala
डीआरडीओ अस्पताल में किशोरों का होगा इलाज
500 बेड वाले भगवती नगर स्थित डीआरडीओ अस्पताल को डिवीजन तीन में रखा गया है, यहां 10 से 18 साल तक के किशोरों को उपचार दिया जाएगा। इसके लिए जनरल वार्ड में 40, आईसीयू में 28 बेड रखे गए हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. नरेंद्र बुतियाल ने बताया कि स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा का कहना है कि कोरोना एसओपी का पालन न होने के कारण तीसरी लहर के घातक परिणाम हो सकते हैं।
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एसएमजीएस अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
बाल चिकित्सकों की कमी बड़ी चुनौती
कोरोना की तीसरी लहर में बाल विशेषज्ञों की कमी बड़ी चुनौती रहेगी। शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा अस्पताल एसएमजीएस में डॉक्टरों के 20 पदों में पांच खाली चल रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग में भी जिला स्तर पर गिनेचुने ही बाल विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।

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डॉक्टर - फोटो : सोशल मीडिया
मेडिकल अफसरों को प्रशिक्षण
डीआरडीओ के 34 मेडिकल अफसरों (डॉक्टर) को कोविड केयर के लिए मेडिसिन, पेडियाट्रिक और अनेथीसिया में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य कोविड संक्रमित बाल रोगी को मेडिकल आफिसर प्राइमरी स्तर पर इलाज दे सकेंगे।
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कोरोना में जम्मू-कश्मीर का बाजार - फोटो : संजय कुमार
सार्वजनिक स्थलों पर कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां
जम्मू-कश्मीर के अधिकांश सार्वजनिक स्थलों पर कोविड प्रोटोकाल की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। बाजार में चलने वाली भीड़ में अधिकांश लोग मास्क लगाना भूल गए हैं। सामाजिक दूरी का कहीं पालन नहीं है। बिना सैनेटाइज के साथ हाथ मिलाने की प्रथा भी बढ़ी है।

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