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जब नन्हें बच्चों के सपनों को उड़ान देने खुद आगे आए सेना के जवान, तस्वीरें

Mon, 07 Nov 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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Indian Army - फोटो : ADGPI- Indian Army
हिंसा के केंद्र रहे दक्षिण कश्मीर में सेना एक अलग किरदार में है। आतंक रोधी अभियान और हिंसक घटनाआें पर अंकुश लगाने के अलावा सेना की ओर से बच्चों को मुफ्त कोचिंग दी जा रही है। 
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Indian Army - फोटो : ADGPI- Indian Army
बाकायदा स्थानीय स्तर पर शिक्षकों को तलाशकर स्कूल खुलवाने या फिर सामुदायिक स्तर पर कक्षाएं लगाने को प्रेरित किया जा रहा है। खास बात है कि अभियान को सफलता भी मिल रही है। 
 
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Army Goodwill School - फोटो : File Photo
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व सेना ने आपरेशन काम डाउन चलाकर कई हिंसा ग्रस्त इलाकों में शांति बहाली को मुमकिन कर दिखाया। इस अभियान के तहत उपद्रव वाले इलाकों में सड़कों और मोहल्लों पर उपद्रवियाें के प्रभाव को खत्म किया गया। 

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Army Goodwill School - फोटो : File Photo
इससे वाहनों की आवाजाही आसान हो गई। जनजीवन भी सामान्य होने लगा। सेना की विक्टर फोर्स के जनरल आफिसर इन कमांड (जीओसी) मेजर जनरल अशोक नरूला ने अभियान को सेना का महत्वपूर्ण मिशन बताया है। चार महीनाें की हिंसा के बीच 30 से अधिक स्कूलों में आगजनी से उपजे माहौल में स्कूली शिक्षा की बहाली पर नरूला कहते हैं, वे खुद दो बच्चों के पिता हैं। बच्चों की शिक्षा कितनी मायने रखती है वे बखूबी जानते हैं।
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Army Goodwill School - फोटो : File Photo
मेजर जनरल ने बताया कि पहलगाम में सेना के गुडविल स्कूल में 292 बच्चों को शिक्षक पढ़ा रहे हैं। हिंसक हालात से इतर इन बच्चों ने अपना सिलेबस पूरा करने के साथ ही उसे रिवाइज भी कर लिया है।
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Army Goodwill School - फोटो : File Photo
 बच्चों ने ईद से लेकर स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी हिस्सा लिया। यही वजह है कि अन्य अभिभावक भी अपने बच्चों को सेना के स्कूल चलो अभियान का हिस्सा बनाने के इच्छुक हैं। 
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