नवरात्र के पावन पर्व पर माता शेरावाली के मंदिरों में लंबी-लंबी कतारें लगती हैं। माता के दर्शन करने के लिए भक्त माता के विभिन्न दरबारों तक पहुंचने का हर संभव प्रयास करते हैं। अगर माता का वह मंदिर शक्तिपीठ है तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। आज हम आपको माता के एक ऐसे शक्तिपीठ के बारे में बताने जा रहे हैं जहां तक पहुंचने के लिए पाकिस्तान सरकार से इजाजत लेनी पड़ेगी। इसका कारण यह है कि माता के ये शक्तिपीठ बलूचिस्तान में स्थित है।
इस शक्तिपीठ के पास में ही हिंगला नदी प्रवाहित होती है। माता का यह मंदिर हिंगलाज देवी शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु के चक्र से कटकर यहां पर देवी सती का सिर गिरा था। इसलिए यह स्थान चमत्कारी और दिव्य माना जाता है। आगे की स्लाइड में कीजिए माता के दर्शन और जानिए कई महत्वपूर्ण बातें...