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डीएसपी की कलंक कथाः आतंकियों से संबंधों की हो रही जांच, छापेमारी में अहम सबूत लगे हाथ

Sat, 18 Jan 2020 10:50 AM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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आतंकियों संग पकड़ा गया डीएसपी - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक्स
हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह के मामले में शुक्रवार को भी सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी रही। दविंदर सिंह की जैश-ए-मोहम्मद समेत अन्य आतंकी संगठनों के आतंकियों से सांठगांठ की भी जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों की ओर से बताए गए कई ठिकानों पर छापामारी की गई। सूत्रों के मुताबिक कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। वहीं हिजबुल कमांडर नवीद बाबू के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने संभाल ली है। गृह मंत्रालय ने एनआईए को जांच अपने हाथों में लेने का आदेश दिया था। अब दविंदर को पूछताछ के लिए एनआईए दिल्ली ले जा सकती है।
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आतंकियों संग पकड़ा गया डीएसपी - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक्स
उधर, आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी के मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आतंकवादी दविंदर को चुप कराने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को इसकी जांच सौंपी गई है। उन्होंने दविंदर मामले को एनआईए को सौंपे जाने को लेकर सवाल किया कि आखिर कौन इस आतंकवादी को चुप कराना चाहता है?
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निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक्स
सूत्रों ने बताया कि संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु के पत्र का जिक्र सामने आने के बाद दविंदर सिंह से जैश आतंकियों के साथ संबंध होने के बारे में भी पूछताछ की गई। हालांकि, अभी यह सामने नहीं आया है कि उसने क्या-कुछ बताया।

 

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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
वहीं राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘एनआईए के प्रमुख एक दूसरे मोदी (योगेश चंद्र मोदी) हैं। उन्होंने गुजरात दंगों और हरेन पांड्या की हत्या की जांच की। उनकी निगरानी में जांच कराना, मामले को ठंडे बस्ते में डालने के अलावा कुछ नहीं है।’

 
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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
इससे पहले गुरुवार को राहुल ने सवाल किया था कि दविंदर के मामले पर प्रधानमंत्री-गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खामोश क्यों हैं? पुलवामा हमले में दविंदर की क्या भूमिका थी? उसने और कितने आतंकवादियों की मदद की? उसे कौन और क्यों संरक्षण दे रहा था?
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