सम्मान समरोह के दौरान सेल्फी लेते होनहार
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लाइफ लांग लर्निंग कौशल पर विशेष ध्यान दें
उपराज्यपाल ने कहा कि कक्षाओं में पाठ्यक्रम के अलावा लाइफ लांग लर्निंग कौशल पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। लर्निंग की यात्रा में जब विद्यार्थी को अपनी असली क्षमता का पता चलता है तो उसके भीतर से असफल होने का भय समाप्त हो जाता है। वह आत्मविश्वास को प्राप्त कर लेता है और यही उसे कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। अपने भीतर के भय को समाप्त करना चाहिए। चुनौतियां और समस्याओं से घबराने की जरूरत नहीं बल्कि उनसे सीखने की जरूरत है। अपनी लीडरशिप को विकसित होने का पूरा अवसर दे। आज अवसरों की कमी नहीं हैं, अनेक संभावनाएं आपने दरवाजे पर दस्तक दे रही हैं। आपको आगे आने की आवश्यकता है।
भविष्य के चयन में अपनी रुचि को प्राथमिकता दें
उपराज्यपाल ने दसवीं के मेधावी छात्रों को सीख देते हुए कहा कि आज जम्मू कश्मीर में हर क्षेत्र में 70 प्रतिशत से अधिक बच्चियां गोल्ड मेडल ले रही हैं। जम्मू कश्मीर के आर्थिक प्रगति के नींव में भी बच्चियां और बहने आगे रहकर हमें गोर्वान्वित कर रही हैं। आपके शिक्षा के महत्वपूर्ण तत्व पैसा और जिज्ञासा है। अभी आपके लिए कालेज के दो साल का समय है, आपको इस बात पर ध्यान केंद्रित करना होगा कि आपका रुचि किस क्षेत्र में है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी, डिजिटल वर्ल्ड का जमाना है।
परिणाम आधारित शिक्षा पर जोर
उपराज्यपाल ने अध्यापकों पर जोर देते हुए कहा कि वे लीग से हटकर परिणाम आधारित शिक्षा पर ध्यान दें। कक्षा में जो सिखा रहे हैं केवल वह पाठ्यक्रम का हिस्सा न रहे बल्कि उन्हें प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता और जुनून को समझना होगा। नई सोच, नई कल्पना, नए नवाचार को स्कूल स्तर पर लाना होगा। ऐसे विद्यार्थी हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार होंगे और सफलता को हासिल करेंगे। उन्होंने शिक्षा निदेशक से विशेष रूप से ध्यान देते हुए कहा कि शिक्षकों की भर्ती में यह ध्यान दिया जाए कि भले ही वह अपने सब्जेक्ट को अच्छी तरह से नहीं जानता हो, लेकिन उनमें विद्यार्थियों को सीखाने के लिए प्रेरित करने की क्षमता होनी चाहिए तभी वे असली शिक्षक है। विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले शिक्षकों का चयन किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को रचनात्मकता में लगाया जाए। तभी हमारा भारत अगले बीस वर्षों के बजाय दस वर्षों में विश्व की शक्तिशाली ताकत बन सकता है। इस दौरान मंच पर मेयर राजेंद्र शर्मा, डीडीसी चेयरमैन भारत भूषण शर्मा, स्कास्ट जम्मू के उपकुलपति प्रो. बीएन त्रिपाठी, एसएमवीडीयू के उपकुलपति प्रो. प्रगति कुमार मौजूद रहे।