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बाड़मेर हत्याकांड: 20 दिन पहले ही खुली धमकी दे चुके थे, फिर भी चुप रही पुलिस, अंजाम सबके सामने

Thu, 22 Feb 2018 07:01 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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murder in barmer - फोटो : Amar Ujala
कानून कहां है ? सवाल बड़ा पेचीदा हो सकता है, लेकिन है एकदम सही। दरअसल, कानून सिर्फ किताबों में कैद होकर रह जाए और अपराधी मनमानी करने लगे तो व्यवस्था पर सवाल उठने लाज़मी है क्योंकि अपराधियों का वहशीपन लगातार सामने आ रहा है। राजस्थान के बाड़मेर में आपसी रंजिश में युवक की पीट-पीटकर नृशंस हत्या कर दी जाती है जिसे लेकर अपराधियों ने 20 दिन पहले ही चेतावनी दे डाली थी। अब इस हत्याकांड की चर्चाएं चारों ओर हैं क्योंकि हत्या का पूरा वीडियो वायरल किया जा रहा है।
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तस्करी गैंग में थी आपसी रंजिश

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barmer murder case
मामले के अनुसार बाड़मेर के हार्डकोर अपराधी खरताराम की गैंग अपनी विरोधी गैंग के एक सदस्य उमेश को काफी दिनों से तलाश रही थी। इस दौरान उमेश ने जोधपुर पुलिस की शरण ले ली और गैंग का एक अन्य युवक हरीश उनके जाल में फंस गया। खरताराम गैंग ने हरीश जाखड़ का जोधपुर से अपहरण किया और उसे लेकर बाड़मेर पहुंच गए। यहां खरताराम और उसकी गैंग ने हरीश को पीट-पीटकर मार डाला और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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निर्वस्त्र करके प्राइवेट पार्ट्स पर रॉड से हमला

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murder in barmer - फोटो : Amar Ujala
खरताराम और उसकी गैंग ने हरीश को निर्वस्त्र कर दिया जिसके बाद उसके प्राइवेट पार्ट्स पर लोहे की रॉड से मारते रहे और अधमरा करने के बाद उसके दोनों पांव तोड़ दिए बाद में हरीश की बची कुची सांसे भी थम गई और हत्यारे उसे वहीं पटककर चले गए। 
 

पुलिस को मिल गए थे ऐसे मैसेज

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whatsapp
जानकारी मिली है कि बाड़मेर में तस्करों की गैंग वॉट्सएप पर 20 दिन पहले ही मैसेज फैला दिया था कि वो विरोधी गैंग पर हमला करेंगे। वॉट्सएप पर ग्रुप भी ऐसा की एक दूसरे के दुश्मन भी एक ही ग्रुप में जुड़े हुए थे जिसकी भनक पुलिस को भी थी। गैंग के एक सदस्य ने ग्रुप पर एक मैसेज डाला था जिसमें लिखा था 'मजा तो तब आएगा कि मैं किसी को मुंह नहीं दिखाउंगा, मुझे चाहिए 302' जिसका मतलब था विरोधी का मर्डर। 
 
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पुलिस के लिए मुखबिरी करने पर की हत्या

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मौके पर लूटी गई पुलिस की जीप - फोटो : Amar Ujala
इस हत्याकांड के पीछे का मुख्य कारण पुलिस के लिए मुखबिरी करने का है। दरअसल जोधपुर में पुलिस की जीप लूटने के मामले के आरोपियों के नाम खरताराम द्वारा बताने पर उसके विरोधी नाराज थे और उसकी हत्या करने की साजिश रच रहे थे। इसके लिए विरोधी गैंग उसके घर भी पहुंची थी मगर वो वहां मिला नहीं। खरताराम को जब इस बात का पता चला तो उसने खुद पर हमला करने की साजिश रचने वालों के खिलाफ ही योजना बना डाली जिसको मंगलवार को अंजाम दिया गया। 
 
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