ख्वाजा नगरी अजमेर में पुलिस को लगातार दो दिन तक पुलिस को दो रोहिंग्या मुस्लिमों को पकड़ने में कामयाबी हासिल हुई है। जानकारी के अनुसार अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने अंदरकोट इलाके से 45 वर्षीय मोहम्मद वली नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है।
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दस्तावेज भी बरामद
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फर्जी तरीके से प्राप्त भारतीय दस्तावेज
जानकारी के अनुसार अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने अंदरकोट इलाके से 45 वर्षीय मोहम्मद वली नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि वली पिछले 7 सालों से अंदरकोट इलाके में रह रहा था। पुलिस ने वली की पत्नी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है जिसके बाद मालूम हुआ कि दोनों म्यांमार निवासी है। वली और उसकी पत्नी के 6 बच्चे हैं जिनका जन्म भारत में ही हुआ है। पुलिस को वली के पास से बैंक से जुड़ा आधार कार्ड और राशन कार्ड भी बरामद हुआ है। हैरानी की बात ये है कि पूरे परिवार के पास देश का हर आइडी प्रूफ मौजूद था।
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7 साल से पहचान छिपाकर रह रहा था वली
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थानाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि 45 वर्षीय वली ने सभी आईडी प्रूफ अवैध रूप से प्राप्त किए थे। बताया गया है कि वली 7 साल से यहां अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और घुसपैठ करके म्यांमार से भारत आया था।
कोलकाता के रास्ते आया भारत
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पूछताछ में सामने आया है कि म्यांमार निवासी वली पुत्र हुसैन खान का मूल रूप से म्यांमार का रहने वाला है और साल 2009 में कोलकाता के रास्ते भारत आया था। इससे पहले वो बांग्लादेश भी गया था।
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कश्मीर से बनवाया शरणार्थी कार्ड
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वली कोलकाता आने के बाद वहां से कश्मीर चला गया था जहां उसने संयुक्त राष्ट्र संघ के शरणार्थी उच्चायुक्त से शरणार्थी कार्ड बनवाया था। कार्ड बनवाने के बाद वली 2010 में अजमेर आ गया और यहां रहकर मजदूरी करने लगा। अजमेर में रहकर उसने अपने और अपने परिवार के लिए राशन कार्ड,आधार कार्ड,पैन कार्ड जैसे दस्तावेज बनवा लिए थे और इनका फायदा भी उठा रहा था।
वली ने अपने शरणार्थी कार्ड और भारतीय कार्ड का बहुत ही चालाकी से इस्तेमाल किया। पहले तो उसने फर्जी दस्तावेज दिखाकर भारत के सभी जरूरी कार्ड बनवा लिए और उसके बाद शरणार्थियों को मिलने वाले लाभ उठाने के लिए वो शरणार्थी कार्ड दिखाता था तो और गैस सब्सिडी जैसे फायदों के लिए वो यहां की आईडी प्रूफ दिखाया करता था।