कुशीनगर हवाई अड्डा
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बौद्ध सर्किट में छह स्थान
कुशीनगर और सारनाथ को मिलाकर बौद्ध सर्किट से जुड़े कुल छह स्थान हैं। इनमें कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशांबी और संकिसा भी शामिल हैं।
गोरखपुर से 50 किमी दूर कुशीनगर हवाई अड्डे की बुद्धिस्ट थीम
म्यांमार, बैंकॉक, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका, कोरिया, भूटान, जापान से बड़ी तादाद में आते हैं बौद्ध पर्यटक।
प्राचीन काल
कुशीनगर मल्ल वंश की राजधानी थी। इसका 16 महाजनपदों में शुमार था। चीनी यात्री ह्वेनसांग और फाहियान के यात्रा वृत्तांतों में भी उल्लेख। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, यहां श्रीराम के पुत्र कुश की राजधानी थी, जिसे कुशावती कहते थे।