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विजयी वापसी: जश्न के साथ आज घर लौटेंगे किसान, पंजाब-हरियाणा से पहुंचे 500 ट्रैक्टर-ट्राली, देखिए बॉर्डर पर आखिरी दिन की तस्वीरें

Sat, 11 Dec 2021 02:36 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
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कुंडली बॉर्डर से ट्राली में सामान लोड कर घर वापसी करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुंडली बॉर्डर सहित दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन स्थगित किए जाने के बाद किसान आज गाजे-बाजे के साथ खुशी मनाते हुए घर वापसी करेंगे। मोर्चों पर वापसी से पहले जश्न की तैयारी के प्रबंध कर लिए हैं। वहीं, जश्न में शामिल होने के लिए पंजाब और हरियाणा से करीब 500 ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ किसान कुंडली पहुंचे हैं। सुबह सबसे पहले किसान अरदास करेंगे। इसके बाद करीब दो घंटे तक लंगर चलाया जाएगा। लंगर के तुरंत बाद जुलूस के रूप में किसानों के जत्थे रवाना होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने वीरवार को सरकार के साथ सहमति बनने के बाद आंदोलन स्थगित करने की घोषणा कर दी थी और शनिवार से वापसी का एलान किया था। इस बीच किसानों ने वीरवार से ही वापसी शुरू कर दी थी जो शुक्रवार को भी जारी रही। बॉर्डर पर बचे किसानों ने सामान की पैकिंग का काम पूरा कर लिया है और वह रवाना होने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। शनिवार सुबह के समय किसानों का प्रस्थान शुरू हो जाएगा, लेकिन इससे पहले अरदास व लंगर का आयोजन होगा। जीटी रोड पर जाम की आशंका को देखते हुए किसानों ने अलग-अलग जत्थों में निकलने का फैसला किया है।
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कुंडली बॉर्डर पर घर वापसी की तैयारी करते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आठ किलोमीटर तक हाईवे को किया जाएगा खाली
किसानों की वापसी के साथ ही कुंडली बॉर्डर पर करीब 8 किलोमीटर तक का मार्ग खाली हो जाएगा। फिलहाल 50 फीसदी किसान पहले ही लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि 3 दिन तक मामूली मरम्मत होने के बाद जीटी रोड के दोनों तरफ की सर्विस लेन को चालू किया जा सकेगा। इससे वाहन चालकों को राहत मिल सकेगी। 
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कुंडली बॉर्डर से तंबू हटाते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
केजीपी-केएमपी से रोका जाएगा हाईवे पर आगमन  
किसानों की घर वापसी के दौरान जाम की स्थिति से बचाने के लिए पुलिस ने वाहन चालकों के लिए सलाह जारी है। पुलिस का कहना है कि हाईवे पर जाम की स्थिति बनने पर हालात के अनुसार सुबह नौ बजे से शाम चार बजे के बीच केजीपी-केएमपी से हाईवे पर आने वाले भारी वाहनों को रोका जा सकता है। पुलिस हाईवे पर स्थिति के अनुसार वाहनों को रोकेगी।

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कुंडली बॉर्डर पर केक काटकर व लड्डू बांटकर जश्न मनाती महिला किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आंदोलन स्थगित होने पर महिला किसानों ने काटा केक
कुंडली बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर जारी आंदोलन में किसानों की जीत के साथ इसे स्थगित करने के निर्णय के बाद शुक्रवार को सोनीपत से पहुंचे महिला किसानों के जत्थे ने केक काटकर व लड्डू बांटकर खुशी मनाई। महिला किसानों ने कहा कि उनके संघर्ष को आखिर मंजिल मिल गई। शुक्रवार को कुंडली धरना पर पहुंचीं अधिवक्ता एवं किसान माही मलिक, पूनम, बिमला, निर्मला, गुड्डी, बबीता, ज्योति व वंशिका ने कहा कि किसानों के संघर्ष के आगे केंद्र सरकार को उनकी मांग मानने के मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों की एकता ने किसान विरोधी तीनों कानून रद्द कराने में अहम भूमिका अदा की। अपने हित के लिए देश के किसान एकजुट हो गए। जिसके चलते ही केंद्र सरकार को किसानों पर थोपे गए कानून वापस लेने पड़े। वह यहां किसानों की सभी मांग माने जाने पर जीत का जश्न मनाने पहुंची है। उन्होंने कहा कि अब सरकार जल्द किसानों को एमएसपी की गारंटी का कानून बनाकर पूरी तरह खुशियां मनाने का मौका प्रदान कर दें।
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कुंडली बॉर्डर पर आखिरी दिन कोई काम कर रहा तो कोई मना रहा जश्न। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसकेएम व भगत सिंह यूथ ब्रिगेड तलाश रहा शहीद स्मारक के लिए जमीन 
किसान आंदोलन के दौरान कुंडली बॉर्डर समेत अन्य मोर्चों पर जान गंवाने वाले किसानों की याद में शहीद स्मारक बनाने के लिए एसकेएम व भगत सिंह यूथ ब्रिगेड ने पहल शुरू कर दी है। इसके लिए जमीन तलाशने का काम शुरू हो गया है।  भगत सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष दीप खत्री ने बताया कि एसकेएम के साथ ही उनकी ब्रिगेड शहीद स्मारक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की तरफ से शहीद स्मारक के लिए जमीन नहीं दिए जाने के चलते अब किसान जमीन तलाश रहे हैं। इसके लिए एसकेएम के साथ मिलकर स्मारक बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कुंडली व टीकरी में बनाए गए मुख्य मंच को बेचकर भी इसके लिए चंदा एकत्रित किया जा सकता है। साथ ही अन्य स्थानों से भी चंदा जुटाया जाएगा। स्मारक बनाकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।
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