मुख्यमंत्री मनोहर लाल ब्राह्मण समाज को पहरावर की जमीन देना चाहते हैं, लेकिन मनीष ग्रोवर सरकारी चिट्ठी अभी न देने के लिए उनको पट्टी पढ़ा रहे हैं। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के समर्थन में राजनीतिक बयान देना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी राजनीति भूल है, जिसको शायद ही मैं सुधार पाऊं। यह आरोप गांव पहरावर की विवादित जमीन पर आयोजित परशुराम जयंती समारोह पर भाजपा के रोहतक से सांसद डॉक्टर अरविंद शर्मा ने लगाए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में 2009 में पहरावर गांव की पंचायत ने 15 एकड़ से ज्यादा जमीन गौड़ ब्राह्मण प्रचारिणी सभा को दी थी। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव पास हुआ था। जमीन 33 साल की लीज पर दी गई थी। बाद में वह नगर निगम के पास चली गई। ब्राह्मण समाज जमीन दोबारा गौड़ ब्राह्मण संस्था को देने की मांग कर रहा है, इसके लिए आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने रविवार को विवादित जमीन पर परशुराम जयंती समारोह का आयोजन किया। जयंती में भाजपा सांसद डॉक्टर अरविंद शर्मा, नारनौंद से विधायक रामकुमार गौतम, बादली से विधायक कुलदीप वत्स व महम से विधायक बलराज कुंडू सहित ब्राह्मण समाज के लोग फरसे व एक-एक ईंट लेकर पहुंचे।
डॉक्टर अरविंद शर्मा ने कहा कि सरकार चाहे तो दो घंटे में नोटिफिकेशन जारी हो जाए, लेकिन सरकार ब्राह्मण समाज की ताकत देखना चाहती थी। वे मामले को लेकर गुरुग्राम के रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे, लेकिन वहां पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर पहले ही बैठे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि, पहरावर की जमीन गौड़ संस्था को दे दी जाए। इसके लिए अधिकारियों को बुलाकर नोटिफिकेशन जारी करवा दीजिए। इसके लिए मुख्यमंत्री तैयार हो गए थे। दो अधिकारियों से भी बात की। फिर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप दोनों बाहर जाकर बयान दे दीजिए। उन्होंने बयान दे दिया। अब मुख्यमंत्री का एक वीडियो जारी हुआ है, जिसमें पहले से उलट बात कही गई है।