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नियम 134-ए: अभिभावक और स्कूल प्रबंधन आमने-सामने, महिला पदाधिकारी बोली- बच्चों को तो स्कूल ही भेजोगे, देख लेंगे

Tue, 11 Jan 2022 04:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

अभिभाव 134ए के तहत बच्चों को दाखिला न मिलने से परेशान है। लघु सचिवालय में प्रदर्शन करने पहुंचे अभिभावक और निजी स्कूल संचालक आमने-सामने हो गए और जमकर कहासुनी हुई।
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लघु सचिवालय में पहुंची पदाधिकारी अभिभावकों को धमकी भरे लहजे में यह कहती दिख रही है कि उनके बच्चे हमारे स्कूल में पढ़ने आएंगे तब उन्हें देख लेंगे। - फोटो : विशाल जैमिनी (संवाद)
शिक्षा नियमावली 134ए के तहत बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए जहां अभिभावक भटक रहे हैं वहीं निजी स्कूल संचालक अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं। मंगलवार को हरियाणा के रेवाड़ी के लघु सचिवालय में प्रदर्शन करने पहुंचे अभिभावक और निजी स्कूल संचालक आमने-सामने हो गए और उनके बीच जमकर कहासुनी हुई। नौबत एक दूसरे को देख लेने तक की आ गई। निजी स्कूल एसोसिएशन ने मांगों को लेकर नगराधीश को ज्ञापन पत्र भी सौंपा। उधर, मासूमों के अभिभावकों की आंखें नम नजर आई तो गुरुओं को इसका कोई गम नहीं दिखाई दिखा।

विश्व हिंदी दिवस के दिन यह सारा वाक्या सैकड़ों लोगों ने अपनी आंखों से देखा। मीडियाकर्मी पहले नियम 134ए के तहत उपायुक्त यशेंद्र सिंह से अपने बच्चों के दाखिले की गुहार लगाने आए अभिभावकों से बात कर चुके थे और उसके बाद प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त यशेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपने आया। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल यादव के नेतृत्व में आए इस शिष्टमंडल में शामिल एक महिला पदाधिकारी की इन मासूमों के अभिभावकों से कहासुनी हो गई। उसके बाद हंगामा बढ़ता चला गया। जहां प्राइवेट स्कूलों ने नगराधीश को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपकर आरटीई के नियम-कायदों को लागू करने और नियम 134 ए को रद्द करने की गुहार लगाई। 
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ज्ञापन देकर लौट रहे प्राइवेट स्कूल संचालकों के सामने प्रदर्शन करते अभिभावक व बच्चे। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी हरिप्रकाश बंसल ने अभिभावकों की बात को काफी देर सुना और वे उनकी बात से प्रभावित भी नजर आए। उनके सामने अभिभावकों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार होने की बात भी कही। बाद में इस मामले में अभिभावकों की ओर से एक शिकायत भी एसपी रेवाड़ी के नाम भेजी गई है, जिसमें एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल यादव के पक्ष में अभिभावकों को तेज आवाज में चेतावनी भरे स्वर में अपनी बात कहने वाली महिला का मामला उठाया गया है। अभिभावकों ने इस मामले में जल्द कार्रवाई करने की गुहार भी लगाई है।
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डीडीपीओ एचपी बंसल से मिलते अभिभावक व बच्चे। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

नियम 134 ए के तहत दाखिले के लिए चक्कर पर चक्कर 

नियम 134 ए के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को दाखिला दिलाने को लेकर पिछले 26 दिनों से अभिभावक अधिकारियों तथा निजी स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं, मगर अभी तक केवल निराशा ही लगी है। वहीं निजी स्कूल 134ए की पिछले वर्षों की बकाया फीस देने और अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बच्चों को दाखिला देने को लेकर उनका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। इससे अभिभावकों की परेशानी बढ़ी हुई है। सोमवार को भी बच्चों का दाखिला नहीं होने से परेशान अभिभावकों ने जिला सचिवालय में अपना विरोध दर्ज कराया तथा बाद में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी एचपी बंसल के पास जाकर उनको अपनी यह समस्या बताई। 

कुछ निजी स्कूल संचालकों पर लगाया धमकी देने का आरोप

जिला सचिवालय में धरना दे रहे अभिभावकों ने कुछ निजी स्कूल संचालकों पर प्रताड़ित करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इसको लेकर उन्होंने उपायुक्त और एसपी को शिकायत भी दी है। बता दें कि निजी संचालक भी अपनी मांगों को लेकर सोमवार को सचिवालय में ज्ञापन देने पहुंचे थे। शिकायत में अभिभावक सरोज, रामा, पूजा सैनी, करुणा, अंचल, लक्ष्मी, भतेरी, मुकेश आदि ने कहा कि वह बच्चों के दाखिले को लेकर जिला सचिवालय में आए हुए थे, इस दौरान कुछ निजी स्कूल संचालकों ने आकर उन्हें धमकी दी कि तुम्हारे बच्चों का दाखिला तो हमें करना है। इस धरना प्रदर्शन का बदला लिया जाएगा। 

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सीटीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सदस्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

हमारा बच्चों के साथ कोई विरोध नहीं : रामपाल यादव

वहीं हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल यादव ने कहा कि धरना प्रदर्शन उनका अधिकार है। स्कूल संचालक अभिभावकों यह समझा रहे थे कि आप किसी स्कूल का नाम लेकर नारेबाजी न करें। निजी स्कूल यूनियन को लेकर अपना विरोध जताएं। हमारा बच्चों के साथ कोई विरोध नहीं है। अगर सरकार हमारी मांगें मान लेती हैं तो उसी समय बच्चों को दाखिला दे दिया जाएगा। 
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अभिभावक और स्कूल प्रबंधन आमने-सामने हुए - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

अभिभावक बोले, कई बार लगा चुके उपायुक्त से गुहार

अहम बात यह है कि यहां इन अभिभावकों ने कहा कि हम उपायुक्त यशेंद्र सिंह के पास कई बार अपनी गुहार लगा चुके हैं लेकिन हमारे बच्चों को इंसाफ नहीं मिल रहा। हमारे बच्चों के दाखिले जल्द कराए जाने चाहिए। एक महिला अभिभावक ने कहा कि शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर निजी स्कूलों से हाथ जोड़ कर ऐसे बच्चों के दाखिले करने की अपील कर चुके हैं मगर ये ध्यान नहीं दे रहे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि उपायुक्त यशेंद्र सिंह से हमने इस मामले में निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई थी और आज भी हम उनसे ही अंतिम बार गुहार लगाने आए हैं। 
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