हरियाण के जींद में दातासिंह वाला बॉर्डर पर तीन दिन से शांत बैठे किसान फिर से दिल्ली कूच की तैयारी करने लगे हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार ने सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी लिखित में नहीं दी और अन्य मांगों को पूरी नहीं की तो 21 फरवरी को सुबह 11 बजे दिल्ली कूच करेंगे। इसके लिए चाहे उनको कोई कुर्बानी देनी पड़े। बॉर्डर पर सोमवार को दिनभर बैठकों का दौर चला और मंथन के बाद आंदोलन का ही फैसला लिया गया।
चंडीगढ़ बैठक में शामिल होने वाले किसान मजदूर यूनियन के सरवल सिंह पंधेर, जगजीत सिंह, किसान नौजवान यूनियन के अभिमन्यु कोहाड़, होशियार सिंह नैन, बलदेव सिंह सरसा, सुनील बद्दोवाल ने कहा कि बैठक के बहाने सरकार आंदोलन को टालने के पक्ष में है। एक बार फिर किसानों के साथ धोखा किया जा सकता है। बैठक की बात सभी को विस्तार से बता दी गई हैं, इसलिए आंदोलन का रुख करना ही पड़ेगा। क्योंकि सरकार के साथ बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है।