ट्रक
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चारों तरफ बिखर गया सामान
प्रीतम ने बताया कि वह दो-तीन दिन गोगामेड़ी में ही रुकने वाले थे, इसलिए अपने साथ रसोई का सारा सामान, सब्जी, आटा, गैस सिलिंडर लेकर चले थे। कुछ लोग तो गाड़ी में नींद में भी थे।
अपनी मामी के साथ जा रहा था सुखदेव
तरावड़ी निवासी 13 वर्षीय लवली उर्फ सुखदेव अपनी मामी के साथ गोगामेड़ी पूजा के लिए जा रहा था। लवली के घर में उस समेत दो भाई और हैं, जो सेलर में काम करते हैं। लवली के भाई ने बताया कि उसने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा और उनका भाई उनसे इतना दूर चला जाएगा।
मृतक जयपाल के दो लड़के व एक लड़की है। लड़की की शादी हो गई है। जयपाल खेतीबाड़ी का काम करके अपना घर का पालन-पोषण करते थे।
मृतक गुलजार हलवाई का काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों ने बताया कि वह गोगामेड़ी इसलिए जा रहे थे कि श्रद्धालु रास्ते में जहां पर भी खाना बनाएंगे वह बना देंगे। गुलजार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। गुलजार ही घर के एकमात्र कमाने वाले थे।
एसडीएम दलजीत सिंह ने दी सांत्वना
एसडीएम दलजीत सिंह सुबह अस्पताल पहुंचे और मृतकों के परिजनों का ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस सड़क दुर्घटना में इतनी जान गई यह सुनकर उन्हें भी बहुत धक्का लगा। उन्होंने मृतकों के परिजनों से पूछते हुए कहा कि यदि अस्पताल की तरफ से उनको किसी प्रकार की समस्या हो तो तुरंत बताएं। एसडीएम ने पुलिस कर्मचारियों व चिकित्सकों को अपनी संख्या बढ़ाकर कार्रवाई जल्द पूरा करने के लिए कहा है।
रात को चार, सुबह दो चिकित्सकों की लगाई ड्यूटी
रात में सूचना मिलते ही 8 एंबुलेंस मौके पर भेज दी थी। चार चिकित्सकों को ड्यूटी पर लगा दिया है। मरीजों की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उनको मरहम-पट्टी करके मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के लिए रेफर कर दिया था। सात शवों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई थी। -डॉ. देवेंद्र बिंदलिश, एसएमओ, नाग