सामूहिक दुष्कर्म के दोषी।
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सरकार की हुई थी किरकिरी
शुरू में मामले को लेकर पुलिस और सरकार दोनों ने किरकिरी कराई। जब सीएम खट्टर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। बस इतनी बात कही और वे निकल गए। इससे सीएम विरोधियों के निशाने पर आ गए। फिर शुरू हुआ बयानबाजी और सरकार के खिलाफ तंज कसने का दौर। फिर सीएम ने मामले पर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान हो गई है। नीशु पर गांव की एक युवती से छेड़छाड़ का आरोप लगा था, लेकिन बाद में ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर मामले को निपटा दिया था।
51 गांवों की महापंचायत लिए गए थे कई बड़े फैसले
कांड के विरोध में कोसली में 51 गांवों की महापंचायत हुई थी, जिसमें ग्रामीणों ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए सरकार और पुलिस को चेतावनी दे डाली थी। दरअसल हरियाणा में हुई इस घटना से लोग काफी गुस्से में थे। विरोध का दौर भी थमने का नाम नहीं ले रहा था। वक्ताओं ने कहा था कि यदि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो धरने का प्रारंभ किया जाएगा, जो अनिश्चितकाल तक चलेगा।
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पत्नी ने छोड़ दिया पंकज का साथ
मुख्य आरोपी पंकज की पत्नी उसके खिलाफ हो गई थी। पत्नी ज्योति ने कहा था कि उसका पंकज के साथ अब कोई रिश्ता नहीं है। उसने उसके साथ धोखा किया है। बता दें कि 15 नवंबर 2017 को आरोपी पंकज की शादी गांव कुराहवटा निवासी मनोज की बेटी ज्योति के साथ हुई थी। ज्योति ने बताया था कि उसने पंकज के बारे इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं सुनी थी। वहीं, पुलिस को जांच में पता चला था कि निशु फेसबुक पर खूब सक्रिय रहता था। उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर महिलाओं व लड़कियों से छेड़छाड़ की शेखी बघारने वाले कई आपत्तिजनक पोस्ट किए थे।