भिवानी पहुंचे शेर का पिंजरा उतारते लोग।
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ई टिकट की सुविधा होगी शुरू
भिवानी लघु चिड़ियाघर मेें जल्द ही ई टिकट की सुविधा शुरू की जाएगी, इसके निर्देश डीएफओ वेदप्रकाश ने भिवानी जू प्रशासन को दिए हैं। ई टिकट की व्यवस्था शुरू होने से दर्शकों को यहां टिकट खिड़की पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं जू प्रशासन को भी मैन पावर की ज्यादा जरूरत नहीं होगी। रोजाना ही करीब ढाई सौ से तीन सौ दर्शक यहां पहुंचते हैं। फिलहाल कोविड की वजह से चिड़ियाघर बंद है।
32 घंटे, 900 किमी के सफर में बैठे रहने से शिवा के पैर हुए जख्मी, उपचार शुरू
हिसार। इंदौर से 900 किलोमीटर का सफर तय कर बब्बर शेर शिवा शनिवार दोपहर भिवानी के चिड़ियाघर पहुंचा। इस दौरान करीब 32 घंटे तक गाड़ी में रखे पिंजरे में बैठे रहने और बार-बार पांव मारने से शिवा के पैरों में जख्म हो गए। अब उसका उपचार शुरू किया गया है। 21 दिन तक शिवा को क्वारंटीन किया गया है।
इंदौर के जू हेड कीपर वाजिद ने बताया कि वैसे तो रोजाना शिवा को 10 किलो चिकन दिया जाता है, लेकिन लंबे सफर के कारण उसे उल्टी न हो, उसकी तबीयत न बिगड़े, इसलिए उसे पांच किलो ही चिकन दिया गया था। वाजिद ने बताया कि शिवा का पूरा ख्याल रखा गया। इंदौर से चलने के बाद रात को जयपुर रुके। यहां से फिर सुबह भिवानी के लिए रवाना हुए। इंदौर से शिवा को ट्रक में लाया गया। इस दौरान ट्रक की स्पीड सिर्फ 40 से 45 के बीच रखी गई, ताकि शिवा को कहीं चोट न लग जाए। शिवा का पिंजरा छोटा था, इसलिए वह घूम नहीं सका। एक ही जगह बैठा रहा। कई घंटे तक बैठे रहने से उसके पैरों में जख्म हो गए।
जंगल के राजा शिवा का स्वभाव शांत
इंदौर से पहुंचा बब्बर शेर शिवा का स्वभाव शांत बताया जा रहा है। यहां आने के बाद उसे 15 मिनट के अंदर दूसरे पिंजरे में शिफ्ट कर दिया गया है। शिवा को दो दिन बाद नहलाया जाएगा। जू में उसकी पूरी केयर रखी जाएगी। वहीं यहां नया शेर पहुंचने के बाद अब पांच से छह माह में शावकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
भिवानी के चिड़ियाघर में शिवा पहुंच चुका है। शिवा का स्वभाव भी काफी शांत है। पैरों में जख्म हो गए, उसे एंटी बायोटिक दवाइयां दी जाएगी। - वेद प्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर, वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग
लीलस में विलुप्त होती प्रजातियों का प्रजनन केंद्र खोलने का प्रस्ताव
शिवा का सुरक्षित ढंग से यहां के चिड़ियाघर में पहुंचाने का मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया। अर्जुन को भी इंदौर भेजा जाएगा। भिवानी के चिड़ियाघर को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए थ्री-डी पेंटिंग कराई जाएगी, जिसमें वन्य जीवों के चित्र दीवारों पर दर्शकों को लुभाएंगे। लीलस में 50 एकड़ पंचायती भूमि का प्रस्ताव आया है। जिस पर पैंगोलिन व विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे पक्षियों का प्रजनन केंद्र खोलने का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। -वेदप्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ आफिसर, वन्य जीव संरक्षण विभाग हिसार।
अर्जुन से हो गया था बच्चों जैसा लगाव
नर शेर अर्जुन के साथ बहुत थोड़ा वक्त बिताया था, लेकिन यह वक्त हमेशा यादगार ही रहेगा, क्योंकि उसके साथ बच्चों सा लगाव हो गया था। इसलिए उसके जाने पर कमी खलेगी, लेकिन शिवा के आने से यहां खुशी है। अर्जुन भी वहां अपना परिवार बढ़ाएगा, जिससे शेरों की प्रजाति निश्चित रूप से बढ़ेगी। शेर आने से भिवानी चिड़ियाघर में दर्शकों की और अधिक रौनक दिखाई देगी। - निरीक्षक ज्योति कुमार, इंचार्ज लघु चिड़ियाघर भिवानी।