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Bhiwani Mining Accident: धमाके के साथ 100 फीट से गिरा पहाड़ का विशालकाय हिस्सा, बड़ी-बड़ी मशीनों सहित मजदूर दबे, बचाव कार्य जारी

Sat, 01 Jan 2022 11:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
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भिवानी में पहाड़ खिसका। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा भिवानी जिले के डाडम में शनिवार सुबह नौ बजे श्रमिक पोपलैंड मशीनों से पहाड़ में खनन कार्य कर रहे थे। पत्थरों को तोड़कर डंपरों में भरा जा रहा था। इसी दौरान अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसक गया और वह नीचे मौजूद मशीनों और श्रमिकों पर गिर गया। इससे इतना तेज धमाका हुआ कि आसपास काम कर रहे श्रमिकों में दहशत फैल गई। लोग घबरा गए और घटना स्थल की तरफ दौड़े। यह हादसा गोवर्धन फर्म द्वारा लीज पर लिए गए पहाड़ के पास हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और सभी अधिकारी डाडम की और दौड़ पड़े। 

प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज ने ट्वीट कर चार लोगों की मौत की जानकारी दी है, जबकि एसपी ने कहा कि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस प्रशासन ने अनुसार दो घायलों गुंजन और अंगद को हिसार के लाइफ लाइन अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। इसमें से गुंजन को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। 

घटना सुबह लगभग नौ बजे की है। उस समय कुछ मजदूर घटनास्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर चाय पी रहे थे। अगर वे काम कर रहे होते तो जनहानि और ज्यादा हो सकती थी। वहीं दूसरी ओर गाजियाबाद से एनडीआरएम के डिप्टी कमांडेंट बेगराज मीणा के नेतृत्व में 42 लोगों की टीम राहत कार्य के लिए डाडम पहुंची। इसके साथ ही मधुबन से एसडीआरएफ और हिसार कैंट से कर्नल पीयूष वर्मा के नेतृत्व में आर्मी की चार यूनिट मौके पर राहत बचाव के लिए पहुंची हैं। 
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चट्टानों के नीचे दबी बड़ी-बड़ी मशीनें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहाड़ से गिरे पत्थर इतने बड़े थे कि लगभग 10 बड़ी-बड़ी मशीनें और डंपर उनके नीचे पूरी तरह दब गए। उनमें सवार श्रमिक भी उसी के अंदर दब गए। घटना के बाद भारी पुलिस बल बचाव कार्य के लिए डाडम के खनन क्षेत्र में पहुंचा। इस बारे में जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना मिली तो उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार, एसडीएम, नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी भी डाडम के लिए रवाना हो गए। हादसा होने के कारण तो अभी तक स्पष्ट नहीं हो सके हैं, मगर अवैध माइनिंग को ही इसका कारण माना जा रहा है। भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने भी इस मामले को अवैध माइनिंग से जोड़ते हुए उच्च स्तरीय जांच करवाए जाने की बात कही है। सांसद का कहना है कि क्षेत्र में खनन माफिया हावी है और यहां किसी को आने की अनुमति नहीं दी जाती। बदमाशों को तैनात कर गुंडागर्दी को छिपाया जाता है। वहीं वहां काम करने वाले श्रमिक इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल बचाव कार्य पर प्रशासन का ध्यान केंद्रित है। उसके बाद मामले की जांच की जाएगी और पहाड़ खिसकने के कारणों का पता लगाया जाएगा। 

सिविल सर्जन रघुबीर शांडिल्य के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंची। इस संबंध में ठेकेदार वेदपाल तंवर ने बताया कि हादसा बड़ा दर्दनाक हुआ है। जहां पोपलैंड आदि मशीनरी लगी हुई थी। उसके दोनों ओर वन विभाग का क्षेत्र है, जहां से पहाड़ खिसका है। बचाव कार्य में पूरा अमला लगा हुआ है। इस दौरान तोशाम के एसडीएम मनीष कुमार फौगाट, डीएसपी मनोज कुमार, नगराधीश हरबीर सिंह, भाजपा जिला प्रधान शंकर धूपड़, जिला महामंत्री बृजपाल, तहसीलदार रविंद्र मलिक, नायब तहसीलदार अशोक कुमार, रविंद्र मंढोली, निजी सचिव जेपी दुबे आदि मौजूद रहे।

एसपी और डीसी ने डाला डेरा
देर रात तक उपायुक्त रिपुदमन सिंह और पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत डाडम में ही साइट पर रहकर बचाव कार्यों का निरीक्षण करने में जुटे रहे। अधिकारियों के बैठने के लिए वहां तंबू लगा दिया गया, जहां से वह पूरी निगरानी बनाए हुए थे। उपायुक्त ने वहां मौजूद श्रमिकों से भी हादसे के बारे में पूछताछ की और फर्म से श्रमिकों का रिकॉर्ड भी मांगा है। देर रात तक राहत कार्य जारी रहा। 
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घटना स्थल पर बचाव कार्य करते। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कार्यक्रम को बीच में छोड़ डाडम पहुंचे कृषि मंत्री 
प्रदेश के कृषि मंत्री के शनिवार को शहर में ही कई जगह कार्यक्रम थे। जैसे ही उन्हें डाडम में हादसा होने की सूचना मिली वे कार्यक्रम को बीच में छोड़कर डाडम के लिए रवाना हो गए। उनके साथ पूरा प्रशासनिक अमला भी रहा। कृषि मंत्री ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि खिसकी हुई पहाड़ की चट्टान के नीचे तक के हिस्से को सावधानी से देखा जाए ताकि एक भी व्यक्ति नीचे दबा हुआ न रहे, इसके लिए बड़ी ही सावधान से बचाव कार्य किया जाए। 

ठेकेदार व अधिकारियों से ली जानकारी
कृषि मंत्री जेपी दलाल खिसकी हुई चट्टान के बिल्कुल नजदीक गए। इस दौरान उन्होंने खनन के ठेकेदारों व प्रशासनिक अधिकारियों से हादसे के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यदि बचाव कार्य के लिए बाहर से भी किसी प्रकार के उपकरण या मशीनरी मंगाने की आवश्यकता हुई तो वे मुहैया करवाएंगे। उन्होंने कहा कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई जाए। चिकित्सा के अभाव में किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जानी चाहिए।

जांच में पता चलेगा जमीन खनन की या वन विभाग की

पिल्लर चेक करने के बाद ही पता चल पाएगा की यह क्षेत्र खनन या वन विभाग में से किस विभाग के अंतर्गत आता है। यहां वन विभाग की 41 हेक्टेयर जमीन है, जिसमें अरावली प्लांटेशन है। - दीपक यादव, रेंजर, वन विभाग।

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राहत एवं बचाव कार्य के लिए पहुंची टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ब्लास्ट के कारण भी पहाड़ खिसकने की आशंका
आशंका यह भी जताई जा रही है कि निर्धारित से ज्यादा बारूद के साथ ब्लास्ट किए जाने के कारण पहाड़ का यह खिसका है। लगभग दो महीने से खनन कार्य बंद होने के कारण भवन निर्माण सामग्री की किल्लत क्षेत्र में महसूस की जा रही थी। इसी कारण भवन निर्माण सामग्री के दाम में भी बढ़ोतरी हो गई थी। शुक्रवार को जब खनन कार्य की अनुमति एनजीटी ने दी तो मैटीरियल की डिमांड ज्यादा रही होगी। आशंका है कि रोड़ी और क्रशर के ज्यादा उत्पादन के लिए ज्यादा मात्रा में पत्थर तोड़ने के लिए बड़ा ब्लास्ट किया गया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि इस बात की अब तक किसी ने पुष्टि नहीं की है और यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही पहाड़ खिसकने के सही कारणों का पता चल सकेगा।

गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जताया शोक
वहीं देश के गृह मंत्री अमित शाह, प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल, प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज, कृषि मंत्री जेपी दलाल और सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने इस हादसे पर शोक जताया है।

कृषिमंत्री, सांसद, डीसी व एसपी सहित प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर
घटना की सूचना के पुलिस प्रशासन व एसडीएम मनीष कुमार फौगाट मौके पर पहुंचे। इसके बाद कृषि मंत्री जेपी दलाल पहुंचे और अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी करते हुए लोगों की जान बचाने के निर्देश दिए। इसी दौरान एसपी अजीत सिंह शेखावत ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। थोड़े समय बाद उपायुक्त आरएस ढिल्लो घटनास्थल पर पहुंचे। उपायुक्त व एसपी ने मौके पर काम कर रहे विभिन्न लोगों से अलग-अलग बातचीत की। उपायुक्त ने रजिस्टर मंगवाकर रिकॉर्ड जांचा व जानना चाहा कि घटना के समय कितने लोग घटनास्थल पर रहे होंगे। वहीं, रोहतक मंडल के कमिश्नर पंकज यादव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हरियाणा युवा आयोग के चेयरमैन मुकेश गौड़ भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
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घटना स्थल पर जानकारी देते सांसद धर्मबीर सिंह। - फोटो : सोशल मीडिया
सांसद ने जताई अवैध खनन की आशंका, 800 से 900 फुट गहराई तक की खाेदाई
भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने आशंका जताई है कि यह हादसा अवैध खनन के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि जमीन से 800 से 900 फुट गहराई तक खाेदाई की गई है। मैंने ऐसी चार जगह चिह्नित की हैं। नीचे पानी निकला हुआ है। यह अवैध खनन का ही नतीजा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करेंगे और इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाएगी। उन्होंने यह भी अंदेशा जताया कि इस मामले में कई बड़े लोग शामिल मिलेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने उनको बताया है कि यहां किसी को घुसने नहीं दिया जाता। छोटे-मोटे हादसे तो होते रहते हैं। मगर ठेकेदार किसी को खबर नहीं होने देते।

मामले की जांच की जाएगी

बहुत दुखद हादसा है। सूचना मिलते ही प्रशासन ने युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया है। जल्द से जल्द राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच भी की जाएगी। - रिपुदमन सिंह, उपायुक्त भिवानी। 


तीन लोगों के मरने की पुष्टि

तीन लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। बचाव कार्य अभी जारी है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों को बाहर निकाला जाए। हालांकि अभी जानकारी नहीं है कि कितने लोग दबे हुए हैं। मामले की जांच भी की जाएगी। अगर कोई शिकायत मिलती है तो उसके आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी। - अजीत सिंह शेखावत, एसपी भिवानी।


अमित शाह ने मुख्यमंत्री से ली हादसे की जानकारी
देश के गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जाहिर किया है। साथ ही कहा कि उन्होंने इस बारे में उन्होंने मुख्यमंत्री हरियाणा से संपर्क कर जानकारी ली है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

प्रशासन के संपर्क में मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वह राहत कार्यों को लेकर लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।
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