उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से जहां सड़कों पर 'सैलाब' आ गया है, वहीं घरों-दुकानों में पानी भर गया है। बुधवार से शुरू हुई बारिश शुक्रवार की सुबह तक जारी है। झमाझम बारिश ने शहर के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। जिन इलाकों में पिछले डेढ़-दो महीने से जलभराव है, उन इलाकों के लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह जब लोग जगे तो ज्यादातर के घर और दुकानों के आगे पानी भरा हुआ था। उन इलाकों में लोगों को और परेशानी झेलनी पड़ी, जहां जलभराव होने के कारण मार्ग पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शहर के रुस्तमपुर, महुई सुघरपुर, तारामंडल, रायगंज, दाउदपुर, हट्ठी माई का स्थान, जिला अस्पताल परिसर, साहबगंज, रेती रोड, गीताप्रेस रोड, देवरिया रोड, सिंघड़िया, प्रज्ञापुरम, गोरक्षनगर समेत कई इलाकों की विभिन्न कॉलोनियों में पानी भर गया है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
सीजन में दूसरी बार हुई ऐसी बारिश
सीजन में दूसरी बार ऐसी बारिश की वजह से शहर की तमाम गलियां पानी से लबालब हो गईं। 21 जुलाई को 114.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। वहीं इस बार बुधवार से गुरुवार की सुबह तक 24 घंटे के दौरान 99.5 मिलीमीटर बारिश हुई। सामान्य तौर पर पूरे सीजन के दौरान गोरखपुर में 1135 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस मानसून के दौरान अब तक 1702 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। यह तब है, जबकि मानसून के खत्म होने में 15 दिन बाकी हैं। मौसम विशेषज्ञ नितीश पांडेय ने बताया कि आज भी पूरे दिन जिले में बारिश के आसार हैं।
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गोरखपुर में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
डेढ़-दो महीने से शहर के कई इलाकों में है जलभराव
मेडिकल कॉलेज रोड के किनारे की कॉलोनी गणेशपुरम के लोग दो महीने से भी ज्यादा समय से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। रुस्तमपुर के पास बड़गो के लोग जलभराव से तीन महीने से परेशान हैं। नगर निगम में शामिल इस गांव में पिछले तीन महीने से जलभराव है। नगर निगम प्रशासन की ओर से जलनिकासी की व्यवस्था अब तक सफल नहीं हो पाई है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जलभराव की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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गोरखपुर में बारिश।
- फोटो : अमर उजाला।
दिन भर चलते रहे पंप, कच्चा नाला भी खोदा गया
झमाझम बारिश के बाद शहर के विभिन्न इलाकों में हुए जलभराव के मद्देनजर नगर निगम की ओर से लगातार पंपसेट चलाए जाते रहे। वहीं जहां जरूरत पड़ी वहां कच्चा नाला भी खोदा गया। नगर आयुक्त ने पूरे दिन जलनिकासी के इंतजामों पर निगरानी रखी। कुछ जगहों पर कच्चा नाला भी खोदा गया। गुरुवार को नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सभी पंपों को चालू किया जाए। जिन स्थानों पर जलनिकासी के उपरांत जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई तत्काल वार्डों व मोहल्लों में नालियों व बड़े नालों की विधिवत सफाई कराएं।
जंगल तिनकोनिया में खोदा गया डेढ़ किलोमीटर कच्चा नाला
मेयर सीताराम जायसवाल ने बताया कि नगर निगम द्वारा जंगल तिनकोनिया वार्ड के विभिन्न इलाकों में जलभराव को देखते हुए डेढ़ किलोमीटर कच्चा नाला खोदा गया। इससे जंगल तिनकोनिया के करीब चार किलोमीटर इलाके की विभिन्न कॉलोनियों में जलभराव से राहत मिली। कॉलोनियों का पानी इस कच्चे नाले से होते हुए तुर्रा नाले में गिरने लगा है।