sant kabir nagar election
- फोटो : अमर उजाला।
जिस चक्र में उनके प्रत्याशी को बढ़त मिलती थी, उसमें अभिकर्ता खुश नजर आते थे, लेकिन अगले चक्र में वोट कम मिलने पर उनके चेहरे मुर्झा जाते थे। जैसे ही प्रधान और बीडीसी सदस्य पद के परिणाम आते थे, वैसे ही जीतने वाले प्रत्याशियों के समर्थकों में खुशी की लकीरे चेहरे पर खिंच जाती थी। अभिकर्ता अंदर एक-दूसरे से खुशी का इजहार करते थे और फोन पर गांव के समर्थकों को जानकारी देकर जीत की खुशी का इजहार करते थे। जैसे ही जीते प्रत्याशी प्रमाण पत्र लेकर गेट के बाहर पहुंचते थे, वैसे ही बाहर खड़े उनके समर्थक नारे लगाकर जीत की खुशी का इजहार करते थे। यहीं सिलसिला जारी रहा।