बीआरडी मेडिकल कॉलेज का पीआईसीयू (पीडियाट्रिक आईसीयू) और एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड का मॉडल पूरे प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में लागू होगा। कोरोना की तीसरी लहर से पहले डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की टीम ने कॉलेज के पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड का अध्ययन करते हुए इसे प्रदेश का सबसे उत्तम और आधुनिक बताया है। शासन की पहल पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की पांच सदस्यीय टीम वार्ड का अध्ययन करने सोमवार को बीआरडी पहुंची थी। टीम में लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद, एनेस्थीसिया के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक मालविया, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ती अग्रवाल, बाल रोग के सह आचार्य डॉ. केके यादव, बाल रोग सर्जन व कोविड अस्पताल के अधीक्षक डॉ. श्रीकेष सिंह शामिल थे। टीम ने पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड की पूरी व्यवस्था देखते हुए डॉक्टरों की जानकारी ली। टीम ने वार्डों को देखकर संतुष्टि जताते हुए इसे प्रदेश का सबसे शानदार वार्ड भी बताया।