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तीसरी लहर की तैयारी पूरी: यहां यूपी का सबसे शानदार है पीडियाट्रिक वार्ड का आईसीयू, पूरे प्रदेश में लागू होगा मॉडल

Mon, 24 May 2021 09:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock
बीआरडी मेडिकल कॉलेज का पीआईसीयू (पीडियाट्रिक आईसीयू) और एनआईसीयू (नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड का मॉडल पूरे प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में लागू होगा। कोरोना की तीसरी लहर से पहले डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की टीम ने कॉलेज के पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड का अध्ययन करते हुए इसे प्रदेश का सबसे उत्तम और आधुनिक बताया है। शासन की पहल पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की पांच सदस्यीय टीम वार्ड का अध्ययन करने सोमवार को बीआरडी पहुंची थी। टीम में लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद, एनेस्थीसिया के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक मालविया, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ती अग्रवाल, बाल रोग के सह आचार्य डॉ. केके यादव, बाल रोग सर्जन व कोविड अस्पताल के अधीक्षक डॉ. श्रीकेष सिंह शामिल थे। टीम ने पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड की पूरी व्यवस्था देखते हुए डॉक्टरों की जानकारी ली। टीम ने वार्डों को देखकर संतुष्टि जताते हुए इसे प्रदेश का सबसे शानदार वार्ड भी बताया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
इस पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि शासन स्तर से राम मनोहर लोहिया की टीम कॉलेज के पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड देखने आई थी। पूरे प्रदेश में सबसे शानदार एनआईसीयू और पीआईसीयू बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हैं। टीम ने सभी वार्डों को देखकर उनका अध्ययन किया है। इसी तरह के पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड कोरोना की तीसरी लहर से पहले प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में बनाए जाएंगे। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी यही व्यवस्था लागू होगी। बताया कि मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञों की कोई कमी नहीं है। समृद्ध बाल रोग विशेषज्ञ कॉलेज में हैं। इस दौरान डॉ. महिम मित्तल, डॉ. पवन प्रधान, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता मेहता आदि मौजूद रहे।

 
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BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
बीआरडी में 450 बेड का बाल रोग विभाग
डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 450 बेड का बाल रोग संस्थान है। इसमें 110 बेड वेंटिलेटर के पीडियाट्रिक आईसीयू में हैं। 120 बेड का एनआईसीयू है। इसके अलावा 44 बेड एचडीयू (हाई डिपेंडिसी यूनिट) के हैं। अन्य सामान्य बेड हैं। जबकि एनआईसीयू और पीआईसीयू के लिए डॉक्टरों की अलग-अलग टीमें हैं। इन वार्डों में विशेषज्ञ डॉक्टर बच्चों का इलाज करते हैं।

 

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कोविड आईसीयू। - फोटो : अमर उजाला।
30 बाल रोग विशेषज्ञों की है तैनाती
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बाल रोग विशेषज्ञों की कोई कमी नहीं है। कॉलेज में 30 बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। इनमें डॉक्टरों की अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम है। पीडियाट्रिक के सर्जन भी बीआरडी में मौजूद हैं। ऐसे में तीसरी लहर में बच्चों को कोई भी परेशानी नहीं होने पाएगी।

 
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बीआरडी। - फोटो : अमर उजाला।
इंसेफेलाइटिस मरीजों का भी होता है इलाज
पूर्वांचल में हर साल इंसेफेलाइटिस से मासूम बच्चों की जान जाती थी। लेकिन योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद बीआरडी में इंसेफेलाइटिस को देखते हुए बाल रोग विभाग को बेहद समृद्ध कर दिया गया। इसके बाद पर मौतों पर काबू पाया गया। अब यही इंसेफेलाइटिस वार्ड पूरे प्रदेश के लिए नजीर बन गया है।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड को देखने डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की टीम आई थी। कॉलेज का पीआईसीयू और एनआईसीयू वार्ड पूरे प्रदेश में सबसे बेहतरीन है। तीसरी लहर को देखते हुए इसी तर्ज पर प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में वार्ड बनाए जाएंगे। यह वार्ड प्रदेश के लिए नजीर बना है।
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