surya grahan
क्या होता है सूतक काल
पंडित राकेश पांडे ने बताया कि सूतक काल के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य, पूजा-पाठ, धार्मिक आयोजन नहीं किए जाते हैं। मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं, जिससे भगवान तक भी ग्रहण का अशुभ प्रभाव न पहुंच सके। सूतक काल का समय अशुभ होता है क्योंकि इस दौरान सूर्य और चंद्रमा का राहु ग्रास कर लेते हैं। माना जाता है ग्रहण के दौरान सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा प्रभावी रहती है।