शिखा दुबे हत्याकांड
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पुलिस ने शिखा की जिस सहेली को गवाह बनाया था, वह किराये का कमरा छोड़कर चली गई और आज कहां है, यह कोई नहीं जानता। दूसरा गवाह मिर्जापुर का वह ढाबा वाला था, जिसके ढाबे से पूजा को लेकर लोग गोरखपुर आए थे। वह भी गवाही के लिए आगे नहीं आया। हत्याकांड में एडीजी द्वितीय कोर्ट में अगली तारीख पांच दिसंबर 2023 को है। पुलिस को इसमें साक्ष्य को साबित करना है।
घटना 11 जून 2011 की है। सिंघड़िया में एक युवती की लाश मिली थी। उसकी कदकाठी और उम्र से पता चला कि वह इंजीनियरिंग कॉलेज के कमलेशपुरम कॉलोनी इलाके से गायब युवती शिखा दुबे है। उसके पिता को बुलाया गया। रिश्तेदार भी जुटे, सबने माना लाश शिखा की ही है। इस दौरान पिता रामप्रकाश दुबे ने पड़ोसी दीपू पर हत्या की आशंका जताई और केस दर्ज करा दिया।
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