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Chandra Grahan 2020: इस चंद्रग्रहण पर चावल का है खास महत्व, एक उपाय से दूर हो जाएंगे सारे दोष

Fri, 05 Jun 2020 08:22 AM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
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Lunar Eclipse - फोटो : अमर उजाला।
चंद्रमा का सीधा संबंध चावल या अक्षत से है। श्वेत अन्न के स्वामी चंद्र देव ही होते हैं। अक्षत का अर्थ अखंडित होता है। चावल को पूर्णता का प्रतीक और देवताओं का भोग भी माना गया है। इसके अलावा किसी को आशीर्वाद देते हुए भी कहते हैं कि धन और धान्य से संपन्न हो। इस धान्य का अर्थ चावल ही होता है।

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- फोटो : सोशल मीडिया
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चावल पूजन कार्य में बहुत महत्व रखते हैं। अपने इसी महत्व के कारण पूजा के समय चावल देवी देवताओं को अर्पित किए जाते हैं। ऐसे में चंद्र ग्रहण के बाद भगवान को चावल चढ़ाकर भगवान का आशीर्वाद लिया जा सकता है। इससे ग्रहण की अशुभता खत्म होगी।
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चंद्र ग्रहण
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि चंद्रग्रहण में श्वेत वस्तुओं में चावल, चीनी, श्वेत वस्त्र, श्वेत चंदन, चांदी इत्यादि का दान अत्यंत प्रशस्त माना जाता है। चंद्र ग्रहण में चंद्रमा जो है राहु से ग्रसित होते हैं। इन वस्तुओं के दान से चंद्रमा को पुष्टि या बल प्राप्त होता है।

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चंद्रग्रहण - फोटो : AP
इससे श्रद्धालु को चंद्रमा की विशेष अनुकंपा भी मिलती है। पांच जून को लगने वाले चंद्रग्रहण का कोई धार्मिक महत्व नहीं हैं। ये उपच्छाया चंद्रग्रहण हैं मगर ये विधियां पूर्ण चंद्र ग्रहण और आंशिक चंद्रग्रहण के दौरान इस्तेमाल करने से ईश्वर की कृपा मिलती है।
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lunar eclipse - फोटो : ani
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि हिंदू धर्म में चावल का बहुत ही महत्व है, कोई भी पूजा, यज्ञ आदि अनुष्ठान बिना चावल के पूर्ण नहीं हो सकता। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्यों पर माथे पर रोली के साथ चावल लगाकर तिलक किया जाता है। चावल घर की दरिद्रता दूर करने में सक्षम होते हैं।
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