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नेपाल ने छोड़ा चार लाख क्यूसेक पानी: राप्ती और गोर्रा नदी में उफान, पायलट प्रोजेक्ट का हुआ नुकसान

Sat, 19 Jun 2021 02:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
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बढ़ता नदियों का जल स्तर। - फोटो : अमर उजाला।
देवरिया में राप्ती और गोर्रा नदी में उफान से दोआबा और कछार के लोग दहशत में हैं। तीन दिन में जलस्तर चार मीटर बढ़ जाने से गोर्रा नदी खतरे के निशान की ओर तेजी से बढ़ रही है। इससे 1224 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ कटानरोधी पायलट प्रोजेक्ट को नुकसान हो सकता है। उधर, नेपाल से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की खबर के बाद रुद्रपुर में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। राप्ती और गोर्रा नदी के बीच बसे दोआबा के 52 गांवों के डूबने का खतरा पैदा हो गया है। तटवर्ती गांवों में लोग सो नहीं पा रहे हैं। कटान शुरू हो जाने से सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बांध बचाने की मशक्कत करनी पड़ रही है।

मानसूनी बारिश से पांडेयमाझा राजधर, सितलमाझा और सिलहटा में कटानरोधी पायलट प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंच रहा है। यहां सरमोहना के पास कटानरोधी कार्य के दोनों ओर गोर्रा नदी कटान शुरू कर दी है। इससे परियोजना पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। गोर्रा नदी करनपुर और सिलहटा के पास भी तेजी से कटान कर रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तीन दिन से परियोजना का कार्य रुका है।
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बढ़ता नदियों का जल स्तर। - फोटो : अमर उजाला।
पिड़रा करनपुर बांध पर करनपुरा के पास दो जगह तेजी से कटान हो रहा है। कटान रोकने को बाढ़खंड पेड़ों की टहनियों का सहारा ले रहा है। शुक्रवार को गोर्रा नदीं का जलस्तर 69 मीटर पर पहुंच गया। यह नदी लाल निशान से सिर्फ डेढ़ मीटर नीचे रह गई है। तीन दिन में चार मीटर बढ़ी नदी के दो दिन में खतरे के निशान से ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है।

कंट्रोल में है कटान का खतरा: एसडीओ
इस बाबत सिंचाई विभाग के एसडीओ दीनदयाल दुबे ने कहा कि तीन दिन से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। लेकिन अब इसके नीचे जाने की संभावना है। नेपाल ने बाल्मिकी वैराज में पानी छोड़ा है। जिसका असर बिहार में होगा। शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी कम रही। शनिवार से जलस्तर घटने लगेगा। रुद्रपुर में चल रहा पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह कंट्रोल में है। यहां कटान का खतरा नहीं है।
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नेपाल में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सरयू नदी उफनाई, सहमे लोग
खतरे के निशान से 40 सेमी नीचे बह रही नदी, 24 घंटे में जलस्तर में छह फीट का हुआ है इजाफा

बरहज में सरयू नदी उफान पर है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में करीब छह फीट की बढ़त दर्ज की गई। नदी खतरे के निशान 66.50 से 40 सेमी नीचे बह रही है। पानी गांवों की ओर फैल रहा है। इससे तटवर्ती गांवों के लोग सहमे हैं।

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राप्ती नदी। - फोटो : अमर उजाला।
थाना घाट पर बने मीटर गेज पर नदी 66.10 सेमी पर बह रही है। पिछले चार दिनों से मानसूनी बारिश से घाट की सीढ़ियों से होकर पानी बह रहा है। जबकि कटइलवा-कपरवार संगम तट तक चल रहे ड्रीम प्रोजेक्ट पर नदी दबाव बनाने लगी है। जगह-जगह बंधों पर नदी ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। नदी कृषि भूमि के रास्ते रिहायशी इलाकों की ओर फैल रही है। वहीं राप्ती नदी भी उफान पर है।

 
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राप्ती नदी। - फोटो : अमर उजाला।
महेन, मोहरा, केवटलिया बंधों पर नदी अपना दबाव बना रही है। कुछ बंधों पर विभाग की ओर से रैट होल, रेनकट, रूसाही के मांद आदि की मरम्मत न होने और जलस्तर में निरंतर वृद्धि से लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। इस संबंध में जेई अखिलेश कुमार ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से नदी बढ़त बना रही है। 24 घंटे में करीब छह फीट वृद्धि दर्ज की गई है।
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