गोरखपुर शहर में आज कई खास कार्यक्रम हुए। इसमें डीवीएन पीजी कॉलेज में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बच्चों को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। साथ ही एमएमएमयूटी में मालवीय रिसर्च कॉन्क्लेव का उद्घाटन हुआ। वहीं बैंक रोड होटल विवेक में जिला आपदा प्रबंधन की ओर से चित्रकला प्रदर्शनी लगाई गई। वहीं टाउनहॉल मैदान में दस दिवसीय शिल्प मेले का समापन भी हुआ।
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में ट्रायल देते छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
खेल निदेशालय की ओर से आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में प्रवेश के लिए आयोजित मंडल स्तरीय ट्रायल में शनिवार को अभ्यर्थियों ने दम दिखाया। सबसे ज्यादा 43 अभ्यर्थी फुटबाल के ट्रायल में पहुंचे। वहीं वॉलीबाल में 12, बैडमिंटन में 5 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। टेबुल टेनिस के ट्रायल को अभ्यर्थियों की बेरुखी का सामना करना पड़ा। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी एके पांडेय ने बताया कि रविवार को वॉलीबाल, बैडमिंटन, टेबुल टेनिस बालिका वर्ग का ट्रायल होगा।
विज्ञापन
5 of 11
यामिनी कल्चरल इंस्टीट्यूट के गुरूओं को सम्मानित करते डीडीयू के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष मुरली मनोहर।
- फोटो : अमर उजाला
यामिनी कल्चरल इंस्टीट्यूट की ओर से शनिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत गणेश वंदना के बाद राधा कृष्ण के मनमोहक नृत्य से हुई। अंजना मिश्रा केे सूफी गीतों ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। नीलांजना ने भरत नाट्यम से प्रभावित किया। संगीत छात्राओं की एकला चलो रे बंगाली गीत की प्रस्तुति ने पूरा समां बांध दिया। जयपुर की कलबेरिया नृत्य की प्रस्तुति से सभी दर्शक झूम उठे।
संगीत अकादमी पुरस्कार के लिए चयनित गुरु शिवदास चक्रवर्ती के सरोद वादन से पूरा माहौल प्राचीन भारतीय वादन शैली का मुरीद हो गया। गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष मुरली मनोहर पाठक ने गुरुओं को शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कलाकारों ने महिला अपराध पर आधारित कारी नाटक की प्रस्तुति देकर सभी को झकझोर दिया।
अग्रवाल महिला मंडल की तरफ से परिणय स्थली में बसंत मेला का आयोजन किया जाएगा। रविवार को होने वाला मेला दिव्यांगों के सहायतार्थ आयोजित किया जाएगा। मेले का उद्घाटन राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी करेंगी। मेला एक हफ्ते तक चलेगा। उक्त जानकारी प्रेस वार्ता कर सुधा मोदी, निशा जिंदल, शोभा अग्रवाल, अनुराधा जैन अंशु अग्रवाल, आभा ने दी।
बताया कि इस मेले में आगरा, भागलपुर, बनारस, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ और स्थानीय स्तर के लगभग 50 स्टाल लगाए जाएंगे। फूड स्टाल भी लगेेंगे। विभिन्न कार्यक्रमों के विजेताओं का नाम लकी ड्रा से निकाले जाएंगे। बताया कि घर पर व्यवसाय करने वाली महिलाओं के लिए मेला खास होता है। महिलाओं को मेले के माध्यम से ही उपयुक्त बाजार मिल जाता है। सभी ने गोरखपुर वासियों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में आने की गुजारिश की है। कहा कि खरीदारी के साथ मौज मस्ती का भी मेले में विशेष इंतजाम किया गया है।
विज्ञापन
शिव सैनिकों को दिया गया शिव रत्न सम्मान
7 of 11
कालीबाड़ी के महंथ रवींद्र दास ने विशिष्ट शिव सैनिकों को शिव रत्न से सम्मानित किया।
- फोटो : अमर उजाला
संकटमोचन, कालीबाड़ी मंदिर व राष्ट्रीय सेवा परिषद की ओर से महाशिवरात्रि महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को कालीबाड़ी के महंथ रवींद्र दास ने विशिष्ट शिव सैनिकों को शिव रत्न से सम्मानित किया। शिव सेवा रत्न से सम्मानित होने वालों में इंजीनियर संजीत कुमार श्रीवास्तव, ट्रांसपोर्टर ओम प्रकाश अग्रवाल, अप्टिशन बीके बैजल, डीके गुप्ता, समाजिक कार्यकर्ता मंजीत श्रीवास्तव, मनोज अग्रवाल, प्रमोद शेखावती शामिल रहे। इस अवसर पर प्रदीप श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कुमार, रंजीत कुमार श्रीवास्तव, गुड्डू लाल चौरसिया, रोहित चौरसिया, राजेश, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. श्रीप्रकाश श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, विवेक श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
स्काउट गाइड के संस्थापकों का जन्मदिवस मनाया
8 of 11
चिंतन दिवस के रूप में मनाया गया जन्म दिन।
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश भारत स्काउट और गाइड की ओर से लार्ड वेडेन पावेल और लेडी वेडेन पावेल मिसा ओलेव सोम्स सेंट क्लेयर का जन्म दिन चिंतन दिवस के रूप में अयोध्या दास स्काउट कुटीर संस्था में मनाया गया। मुख्य अतिथि जिला आयुक्त डॉ. अरूण कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त ने हीरालाल यादव ने दोनों ही विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरूआत की।
मुख्य अतिथि ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी संगठन खड़ा कर दिया जो मानव सेवा के रूप में सहायता करता है। इस दौरान स्काउट प्रतिनिधि अजय गुप्ता बजरंगी, डीओसी गाइड इश् रत सिद्दीकी, डीटीसी गाइड किरन देवी, बीके गुप्ता, सुंदरम, दुर्गावती, शाइस्ता, ताजनीन इस्लाम, राहुल कुमार, अजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।
9 of 11
प्रतियोगता में प्रतिभाग करते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
हुमायूंपुर उत्तरी स्थित राजकीय मुखबधिर सांकेतिक विद्यालय कला सम्मान समारोह के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रतियोगता में प्रतिभाग करते बच्चे।
10 of 11
संगोष्ठी के समापन समारोह पर मंचासीन मुख्य अतिथि प्रो.रहस बिहारी द्विवेदी व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर विवि के संवाद भवन में संस्कृत वाड्मय में विश्वबंधुत्व विषय पर चल रहे तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन शनिवार को हुआ। मुख्य अतिथि प्रो रहस बिहारी द्विवेदी ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की। भारत देश के इंडिया नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह नाम भारतीय संस्कृति के लिए बेहतर नहीं है। कहा कि जिस देव की आप आराधना करें, उनके गुणों को जरूर आत्मसात करें।
विशिष्ट अतिथि के रूप में लंदन से आई साध्वी दिव्य प्रभा ने कहा कि भारतीय संस्कृति एवं संस्कृत वाड्मय के द्वारा विश्वबंधुत्व को स्थापित किया जा सकता है। कहा कि त्रिगुण से ऊपर उठना ही विश्वबंधुत्व है। विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विवि संस्कृत विभाग के प्रो उमाकांत यादव ने एकात्म मानववाद की व्याख्या की। कहा कि राष्ट्र और विश्व में सुधार संस्कृति से ही संभव है। जामिया मिलिया विवि के संस्कृत के प्रो गिरीश चंद्र पंत ने विश्वबंधुत्व के तरीके को बताया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में गोरखपुर विवि के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो बनारसी त्रिपाठी ने कहा कि माता पिता की सेवा ही परम धर्म है। इससे पूर्व जेएनयू के प्रो सत्यमूर्ति और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के उमारानी त्रिपाठी ने भी गोष्ठी को संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का स्वागत डॉ मधु सत्यदेव और संचालन डॉ लक्ष्मी मिश्रा ने किया। संगोष्ठी का प्रतिवेदन डॉ सूर्यकांत त्रिपाठी ने पढ़ा। इस मौके पर नारायण पांडेय, प्रो राजेश्वर प्रसाद मिश्र, देवेंद्र पाल, डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ मृणालिनी आदि मौजूद रही।