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गोरखपुर हत्याकांड: चार साल में ही बिखर गया परिवार, अब बच्चों की परवरिश का संकट

Tue, 23 Nov 2021 12:44 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

क्षेत्र के कल्यानपुर मिश्रौली निवासी रामदरश यादव के चार पुत्र हरिनाथ यादव, भूषण यादव, दयानंद यादव व राजू यादव बैंकाक में अलग-अलग व्यापार चलाते थे। इस परिवार की एक पुश्तैनी जमीन देवरिया जनपद के पुरैना गांव में है।
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गोरखपुर अप्रवासी हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर के बड़हलगंज कोतवाली क्षेत्र के सिधुआपार में सोमवार को महिला की हत्या के साथ ही इस परिवार के चार बच्चों के सामने परवरिश का संकट गहरा गया। चार साल पहले पिता की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। अब मां की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वर्ष 2017 से पहले थाईलैंड में व्यापार जमा चुके इस परिवार के बच्चों की पढ़ाई तक रुपयों के अभाव में प्रभावित होने लगी है।

क्षेत्र के कल्यानपुर मिश्रौली निवासी रामदरश यादव के चार पुत्र हरिनाथ यादव, भूषण यादव, दयानंद यादव व राजू यादव बैंकाक में अलग-अलग व्यापार चलाते थे। इस परिवार की एक पुश्तैनी जमीन देवरिया जनपद के पुरैना गांव में है।
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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
रामदरश के तीसरे पुत्र दयानंद यादव ने थाईलैंड की नागरिकता लेने के साथ ही अपनी कमाई से सिधुआपार में भी घर बनवाया था। वर्ष 2017 में दयानंद बैंकाक से पत्नी पुष्पा व चारों बच्चों के साथ सिधुआपार स्थित घर पर आए थे। यहां आने के बाद ही पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुछ ही दिन बाद दयानंद की मौत हो गई।
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मृतक अप्रवासी महिला। - फोटो : अमर उजाला।
पति की मौत के बाद पुष्पा बच्चों के साथ बैंकाक गईं लेकिन कोरोनाकाल में वहां भी हालात खराब हुए तो वापस बच्चों समेत गांव आ गईं। सिधुआपार के मकान में ही कास्मेटिक की छोटी सी दुकान खोल ली। बच्चों का पास के ही स्कूल में नामांकन करा दिया लेकिन आय का मजबूत साधन न होने के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने लगी। पुष्पा की बेटी अनुज यादव व बेटे रितिक ने बताया कि देवरिया जनपद की पुरैना गांव की पैतृक जमीन में से उसकी मां अपना हिस्सा मांग रही थीं। उसके बाद से ही मां को मार देने की धमकी मिलने लगी थी।

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गोरखपुर अप्रवासी हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला।
आजीविका के लिए घर में खोली थी दुकान
पुष्पा यादव के पति दयानंद की चार वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। तीन बेटियां कुमारी अनुज (16), पूजा (14) व प्रीती (10) के अलावा एक बेटा रितिक (13) है। चारों का जन्म बैंकाक में हुआ था। परिवार ने थाईलैंड की नागरिकता ले ली है। कोरोनाकाल के दौरान पुष्पा बच्चों के साथ गांव आ गई थीं। यहां भरण पोषण के लिए घर में ही कास्मेटिक की दुकान खोली थीं।
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सीसीटीवी में कैद हुए बदमाश। - फोटो : अमर उजाला।
रविवार शाम को ही लौटी थीं दिल्ली से
अपने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने के लिए पुष्पा पिछले सप्ताह बच्चों समेत दिल्ली गई थीं। रविवार की शाम को ही सभी लौटे थे। दिल्ली में वह पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने थाईलैंड दूतावास गई थीं। बेटी प्रीति ने बताया कि पिता की मौत के बाद बड़ी मुश्किल से परिवार का खर्च चल रहा था।
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