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Gorakhpur Rain: गोरखपुर में हुई तेज बारिश, लोगों को गर्मी और सूखे से मिली राहत

Thu, 21 Jul 2022 03:15 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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gorakhpur rain - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में बुधवार सुबह से आसमान में छाए बादलों और कुछ स्थानों पर हुई हल्की बारिश से लोगों को भीषण गर्मी काफी राहत मिली थी लेकिन गुरुवार सुबह हुई बारिश ने पूरे जिले को राहत की दे दी है। खेतों में सूख रही धान की फसल को बारिश ने मानों अमृत दे दिया हो। इस बारिश से किसानों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।

बुधवार को अधिकतम तापमान 33.2 और न्यूनतम 27.8 सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह और शाम के समय शहर के बाहरी इलाकों और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। हालांकि, शहर के ज्यादातर हिस्सों में बादल ही छाए रहे।
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gorakhpur rain - फोटो : अमर उजाला।
शाम को बादलों के घने होने और तेज हवा चलने से बारिश के आसार बने, लेकिन कुछ जगहों को छोड़कर ज्यादातर जगहों पर बादल उमड़-घुमड़कर चले गए। मौसम विशेषज्ञों ने गुरुवार को भी तेज बारिश के आसार जताए थे।

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gorakhpur rain - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में इस साल वर्षा रानी ऐसी रूठीं कि 11 वर्षों बाद जनपद में कम पानी बरसा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि तीन दिन बाद सावन शुरू होने वाला है और गर्मी जेठ महीने जैसी पड़ रही है। बारिश नहीं होने से किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। जिन्होंने रोपाई कर दी है, उनके लिए उसकी सिंचाई भारी पड़ रही है।

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gorakhpur rain - फोटो : अमर उजाला।
मौसम के जानकारों के अनुसार, आमतौर पर एक से 10 जुलाई के बीच 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो जाती है, लेकिन इस बार जिले में केवल 11 मिलीमीटर बारिश हुई है। इससे पहले, साल 2010 में 17 मिलीमीटर बारिश हुई थी। वहीं, साल 2020 में एक से 10 जुलाई के बीच 203 और 2021 में 109.8 मिलीमीटर बारिश हुई थी।
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गोरखपुर में बारिश। - फोटो : अमर उजाला।
कम बारिश होने से शहर से लेकर देहात तक के लोग परेशान हैं। शहर के लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं, तो देहात में किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। यदि किसी ने रोपाई कर दी है तो उसकी फसल सूखने लगी है। कई किसान सिंचाई करके फसल बचाने की जुगत लगा रहे हैं। किसानों को फसल बचाने के लिए 2500 से 3000 रुपये प्रति एकड़ सिंचाई पर खर्च करना पड़ रहा है। धान के अलावा अन्य फसलों पर भी असर पड़ने लगा है।
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