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Gorakhpur Flood: रोहिन नदी ने तोड़ा तीन साल का रिकॉर्ड, तस्वीरों में देखें कई गांव बाढ़ से घिरे

Mon, 28 Sep 2020 10:56 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बारिश थमने के बाद भी जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। कुछ नदियां खतरे के निशान को पार कर गईं हैं तो कुछ निशान को छूकर बह रही हैं। रविवार को रोहिन नदी साल 2017 के रिकार्ड को तोड़ते हुए खतरे के निशान से 1.85 मीटर ऊपर पहुंच गई। राप्ती खतरे के निशान से 43 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा नदी का जलस्तर बरहज में लाल निशान पर पहुंच गया है। गोर्रा नदी खतरे के निशान से केवल 35 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
कैंपियरगंज तहसील के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। प्रभावित गांवों में नावों को लगाया गया है। प्लास्टिक की तिरपाल भी वितरित की जा रही है। वहीं, जलस्तर बढ़ने के कारण तटबंधों पर दबाव बनना शुरू हो गया। कई जगहों पर बांध से सीपेज होने के कारण तटबंध के टूटने का खतरा बढ़ गया है। प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और तहसीलदार को बांधों पर निगरानी करने का आदेश दिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। अब तक जब भी बाढ़ आई है 15 सितंबर के बाद पानी निकल गया है। कभी भी सितंबर के आखिर महीने में बाढ़ का असर नहीं देखा गया है। इस बार तीन दिन तक हुई झमाझम बारिश की वजह से अचानक नदियों में उफान आ गया है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
कई गांव बाढ़ से घिरे, 40 परिवारों को सुरक्षित निकाला
कैंपियरगंज तहसील के मुंडेरी गांव में बाढ़ में फंसे 40 परिवारों को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। तहसील के रिगौरली में तिरपाल बांटा गया है। सहजनवां तहसील में भी कई गांव बाढ़ से घिर गए हैं। ऐसे गांवों में नाव की व्यवस्था की गई है। वहीं बांसगांव तहसील के मझगांवा के पास राप्ती नदी कटान कर रही है। टीम लगाकर कटान निरोधक उपाय किए जा रहे हैं। नौसड़-कलानी तटबंध पर मरवड़िया कुंआ के पास रेग्यूलेटर बंद कर दिया गया है। सभी बांधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
64 बाढ़ चौकियां हुईं सक्रिय
आपदा प्रबंधन कार्यालय के मुताबिक, बाढ़ के दौरान बांधों की निगरानी के लिए स्थापित सभी 64 बाढ़ चौकियों को फिर सक्रिय कर दिया गया है। चौकियों पर राजस्व और सिंचाई विभाग के कर्मचारियों और पुलिस के सिपाहियों को तैनात किया गया है। सभी लोग बांधों की सतत निगरानी कर रहे हैं।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
इस तरह है नदियों का जलस्तर
घाघरा अयोध्या सुबह 91.570 शाम को 91.590 खतरे का निशान 92.730 मीटर
घाघरा बरहज   सुबह 66.400 शाम को 66.500 खतरे का निशान 66.500 मीटर
राप्ती बर्डघाट  सुबह 75.330 शाम को 75.430 खतरे का निशान 74.980 मीटर
रोहिन  तिनमुहानी 84.180 शाम को 84.290 खतरे का निशान 82.440 मीटर
कुआनो मुखलिसपुर सुबह 77.160 शाम को 77.190 खतरे का निशान 78.650
गोर्रा पिडरा घाट सुबह 70.00 शाम को 70.150 खतरे का निशान 70.500 मीटर
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : राजेश कुमार
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने बताया कि सितंबर के आखिर में आई बाढ़ अप्रत्याशित है। इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। रोहिन नदी ने 2017 के रिकार्ड को तोड़ दिया है। बाढ़ के दौरान सभी अभियंताओं की छुट्टी रद्द कर दी गई थी। बाढ़ खत्म होने के बाद लोग छुट्टी लेकर घर जाने वाले थे। अब कई अभियंताओं की छुट्टी रद्द कर दी गई है। एक बार फिर विभाग बांधों की तरफ दौड़ रहा है। अलर्ट जारी कर दिया गया है। बांधों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
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