गोरखपुर में वायु प्रदूषण के मामले में खेल किया जा रहा है। जस जगह पर प्रदूषण मापक यंत्र लगा है (एमएमएमयूटी) उस इलाके में पानी का छिड़काव कराकर हवा की गुणवत्ता को अच्छा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, एमएमयूटी से 8-10 किलोमीटर दूर स्थित गोलघर में हवा की गुणवत्ता (एक्यूआई) अब भी खतरनाक स्तर पर बनी हुई है।
शहर के रिहायशी इलाके मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) सेंटर पर सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 118 दर्ज किया गया। जबकि व्यावसायिक इलाके गोलघर का एक्यूआई 268 दर्ज किया गया, जोकि खतरनाक की श्रेणी में आता है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्र गीडा में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।