सेना प्रमुख ने छात्रों को एक कविता भी सुनाई थी।
- फोटो : अमर उजाला।
जनरल ने विद्यार्थियों को अपने गुण-अवगुण पहचानने और अवगुणों को दरकिनार कर गुणों को साथ लेकर चलने की सीख भी दी थी। जनरल रावत ने बच्चों को एक प्रेरणादायी कविता भी सुनाई थी।
'असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो तुम
कहां खामियां रह गईं, इस पर विचार करो तुम
लगन के साथ आगे बढ़े चलो तुम
हर नई शिखर पर परचम लहराए चलो तुम'