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बदल रहा है गोरखपुर: कभी बदहाल थी अपनी गोरक्षनगरी, अब चल पड़ी है दिल्ली-एनसीआर की राह पर

Thu, 21 Sep 2023 11:05 AM IST
vivek shukla अरुण 'मुन्ना', गोरखपुर।
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गोरखपुर एम्स की रोड। - फोटो : अमर उजाला।
जरा सोचिए, छह-आठ साल पहले तक इस शहर की सूरत कैसी थी। उबड़-खाबड़ सड़कें और हर तरफ जाम, लेकिन आज चौड़ी सड़कें, ऊंची इमारतें, मॉल-कांप्लेक्स, जगह-जगह फ्लाईओवर और कल-कारखाने...। फर्राटे से वाहन दौड़ते हैं और शहर के चौराहे भी सुंदर और आकर्षक हो गए हैं। विस्तार लेते शहर में लंबे समय बाद लौटने वाले अपने घर को जाने वाले चौड़े रास्तों को पहचान भी नहीं पाते हैं। शायद इसीलिए हर किसी की जुबान पर एक ही बात सुनाई देने लगी है..गोरखपुर बदल रहा है। यहां दिल्ली-एनसीआर का अक्स झलकने लगा है। विदेशों में ही नहीं दिल्ली-नोएडा और दूर-दराज रहने वाले गोरक्षनगरी वासी भी पल-पल अपनों से पूछते हैं... और क्या-क्या बदल रहा है।

 
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गोरखपुर विश्वविद्यालय रोड। - फोटो : अमर उजाला।
कुछ ऐसे ही विकास के पथ पर शहर बढ़ रहा है। रामगढ़ताल की सुंदरता अब लोगों को बरबस आकर्षित करती है। पुराने शहरवासी तो जानते ही हैं कि कभी मोहद्दीपुर से कुनराघाट और असुरन चौक से मेडिकल कॉलेज रोड पर चलना दूभर था। सड़कें पतली थीं और वाहन स्टैंड होने से लंबा जाम लगता था। अब यहां सड़कें फोरलेन हैं और चौराहे भी विकसित हो गए हैं। बुधवार की दोपहर 12.42 बजे असुरन चौराहे की सुंदरीकरण का काम चल रहा था। यहां गोलंबर के निर्माण कार्य के लिए पिलर बनाए जा रहे हैं। काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि 15 दिन में यहां का काम पूरा कराया जाना है। इस चौराहे को चौड़ा करके काफी अलग बनाया जा रहा है। यहां फूल-पौधे लगाए जाएंगे। चौराहे पर आने वाले लोगों को हरियाली नजर आएगी।

 
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असुरन चौक - फोटो : अमर उजाला।
चौराहे के नजदीक ही असुरन से पादरी बाजार रोड पर राजेश कुमार गुप्ता की रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। उन्होंने बताया कि चौराहा अब चौड़ा कर दिया गया है। इस बदलाव से मेडिकल कॉलेज रोड पर आवागमन सुगम हो गया। फोरलेन रोड का चौड़ीकरण होने के बाद जाम से निजात मिली है। इस रोड के बनने से शहर का विस्तार गुलरिहा बाजार तक हो गया है। किराना का सामान लेने आए दिनेश ने बताया कि चार साल पहले जब यह सड़क पतली थी, आने-जाने में परेशानी होती थी। अब मेडिकल कॉलेज तक जाने में महज 10 मिनट का समय लगता है। इससे एक मेट्रो सिटी का अनुभव नहीं होता था। अब ऐसा लगता है कि हम लोग किसी दिल्ली-एनसीआर में हैं।

 

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मोहद्दीपुर - फोटो : अमर उजाला।
एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन जाना हुआ आसान, मन मोहती है खूबसूरती
एयरपोर्ट से लेकर मोहद्दीपुर, विश्वविद्यालय, रेलवे स्टेशन के सामने की सड़क अब फोरलेन बन गई है। इससे एयरपोर्ट से होकर रेलवे स्टेशन तक जाने में आसानी हो गई है। सड़क के किनारे दीवारों पर बनी खूबरसूरत पेंटिंग भी लुभाती है। मोहद्दीपुर चौराहे से विश्वविद्यालय चौराहे तक डिवाइडर पर गमलों में लगे पौधे आकर्षित करते हैं। नंदानगर अंडरपास पार करते ही एम्स की भव्यता नजर आने लगती है। इससे यहां से गुजरने वालों का ध्यान बरबस ही खींच जाता है। कूनराघाट में कपड़े की दुकान चलाने वाले गणेश ने बताया कि हम लोगों ने कभी कल्पना नहीं थी कि शहर इतना बदल जाएगा।

 
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पैडलेगंज से छात्र संघ चौक रोड - फोटो : अमर उजाला।
मोहद्दीपुर से पैडलेगंज तक राह हुई आसान, सिक्सलेन से बढ़ेगी विकास की गाड़ी
मोहद्दीपुर से पैडलेगंज तक फोरलेन सड़क बनी है। पहले यह सड़क भी टूलेन हुआ करती थी। करीब पांच साल पहले तक इस सड़क पर बहुत जाम लगता था। लेकिन आज फर्राटा से लोग आते-जाते हैं। यहां से रामगढ़ताल जाने वाले लोग आसानी से पहुंच जाते हैं। पैडलेगंज से टीपीनगर तक सड़क फोरलेन बनी थी। इसे चौड़ा करके अब सिक्सलेन बनाया जा रहा है। इससे लोगों को आवागमन में पहले से ज्यादा सहूलियत मिल जाएगी।
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मोहद्दीपुर - फोटो : अमर उजाला।
मोहद्दीपुर आते ही मेट्रो सिटी का अहसास
मोहद्दीपुर आते ही अब मेट्रो सिटी का अहसास होने लगता है। फाइव स्टार होटल, मॉल, बहुमंजिली इमारतें और फोरलेन एक स्मार्ट की सुविधा अब यहां मिलने लगी है। इससे दिनभर चहल पहल बनी रहती है। कई नामी गिरामी कंपनियों के शोरूम खुल गए हैं।
 
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नंदा नगर क्रॉसिंग - फोटो : अमर उजाला।
तंग असुरन चौराहा तो बनता जा रहा कॉमर्शियल मार्केट
असुरन चौराहे का नाम सुनते ही मन में ख्याल आता था कि जाम में आधा घंटे गए। यही कारण था कि यहां बाजार का दायरा नहीं बढ़ पाया। लेकिन जब यहां की सड़कें फोरलेन हो गईं तब तेजी से यह इलाका व्यावसायिक रूप लेने लगा। अब इस इलाके में जहां अच्छी कंपनियों के कार, बाइक, कपड़ा, ज्वेलरी, जूते के शोरूम हैं तो होटल और रेस्टोरेंट की संख्या भी बढ़ रही है।
 

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जीडीए टॉपर। - फोटो : अमर उजाला।
लोग बोले
दुकानदार राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि छह साल पूर्व शहर की सड़कें संकरी थीं। चौड़ीकरण होने से हर जगह बदलाव नजर आ रहा है। लंबे समय के बाद आने वाले रिश्तेदार अक्सर मोहल्ले का रास्ता भूल जाते हैं। तब उनके फोन करने पर जानकारी दी जाती है।

दुकानदार मोहन शर्मा ने कहा कि असुरन चौराहा से लेकर मेडिकल कॉलेज से आगे तक नई बिल्डिंग की संख्या बढ़ती जा रही है। नए होटल, दुकान सहित अन्य प्रतिष्ठान खुलते जा रहे हैं। हम लोगों ने कभी कल्पना नहीं की थी कि इतना बदलाव आएगा।

राहगीर श्यामलाल रस्तोगी ने कहा कि गोरखपुर शहर में हर ओर विकास हो रहा है। एयरपोर्ट से गुजरने के दौरान एम्स की भव्यता नजर आती है। इस रोड पर अक्सर जाम लगा रहता था। लेकिन अब राहत मिल गई है।

दुकानदार महेंद्र लाल ने कहा कि विकास कार्य होने से खासकर चौड़ीकरण से दुकानदारों को नुकसान हुआ है। लेकिन अन्य बदलाव नजर आ रहे हैं। जिनकी दुकानें टूट रही हैं, प्रशासन की ओर से उनको भी रोजगार के लिए व्यवस्थित कर दिया जाए तो मन में कोई मलाल नहीं रहेगा।

 
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गोरखपुर विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला।
बोले वरिष्ठ नागरिक
एनईआर सेवानिवृत्त पीआरओ एसपी मिश्रा ने कहा कि मैंने तो लंबा समय इस शहर में बिताया है। सड़कें पतली थीं तो हर तरफ जाम लगता था। कुछ ही प्रतिष्ठानों के शोरूम थे और गिने चुने होटल। लेकिन आज जिस रूट पर निकल जाइए, सब कुछ उपलब्ध है। यह सब बदलाव पांच से छह वर्ष में हुआ है। इस शहर में अब परिवार के साथ घूमने के लिए कई जगहें हैं। वाकई, यह शहर अब जाकर बड़े शहरों की तरह दिख रहा है। मुझे लगता है कि दो-तीन वर्ष में फ्लाईओवर और फोरलेन का जाल बिछ जाएगा। अगर कोई बहुत दिन बाद आएगा तो चौराहों को पहचान ही नहीं पाएगा।

डीवीएनपीजी सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ एसपी सिंह ने कहा कि जिस शहर में चौड़ी सड़कें और फ्लाईओवर बने हों, वहां का विकास होना स्वभाविक है। गोरखपुर में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। अब यहां नौका विहार और चिड़ियाघर है, पहले बाहर आने वाले मेहमानों को घुमाने लायक जगह नहीं थी। अब तो यह शहर पिकनिक स्पॉट के रूप बदल रहा है। अच्छे होटल और रेस्टोरेंट हैं। चार विश्वविद्यालय खुल गए और चार मॉल भी हैं। बदलते गोरखपुर की यह तस्वीर अब बहुत अच्छी लगती है।
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