गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल इलाके के होटल कृष्णा पैलेस में ठहरे कारोबारी मनीष के साथ चेकिंग के दौरान 27 सितंबर की रात पुलिसवालों ने मारपीट की थी। इसके पुख्ता सबूत एसआईटी के हाथ लग गए हैं। एक नहीं, कई ऐसे सबूत हैं, जो इस बात को साबित कर रहे हैं कि पुलिस की पिटाई से ही मनीष की मौत हुई और पुलिसवालों ने वारदात को दुर्घटना बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब बस हत्या के पीछे पुख्ता मोटिव साबित करने की चुनौती है। इस मामले में वैसे तो एसआईटी को वसूली के खेल की थ्यौरी मिल ही गई है। लेकिन, एसआईटी अदालत में साबित करने के लिए पुख्ता साक्ष्य जुटाने में लगी है। यही वजह है कि एसआईटी अब तक अंतिम जांच रिपोर्ट नहीं सौंप पाई है। एसआईटी इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है कि इस पूरे मामले पर वारदात के शिकार मनीष की पत्नी और मीडिया की तीखी नजर है। यदि कहीं भी आरोपियों के पक्ष में वह झुकती नजर आई तो इस पर तीखी प्रतिक्रिया होगी।