मीनाक्षी ने कहा कमरे में जो खून फैला था, उसे धुलवाया क्यों गया? कमरे को सीज कर फोरेंसिक जांच क्यों नहीं कराई गई? वहां पर खून बिखरे थे और कई ऐसे साक्ष्य थे जिसकी फोरेंसिक जांच होती तो कई सच्चाई सामने आती, मगर ऐसा नहीं किया गया।
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कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
- फोटो : अमर उजाला।
कानपुर के कारोबारी मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता मंगलवार शाम होटल कृष्णा पैलेस भी गईं, जहां पति की मौत हुई थी। होटल के कमरे की सफाई पर मीनाक्षी ने सवाल खड़े किए हैं। पुलिस से पूछा कि आखिर घटनास्थल की सफाई क्यों कराई गई? कमरे में जो खून फैला था, उसे धुलवाया क्यों गया? कमरे को सीज कर फोरेंसिक जांच क्यों नहीं कराई गई? वहां पर खून बिखरे थे और कई ऐसे साक्ष्य थे जिसकी फोरेंसिक जांच होती तो कई सच्चाई सामने आती, मगर ऐसा नहीं किया गया। पत्नी का आरोप है कि पुलिस ठीक से जांच नहीं कर रही है, क्योंकि मामले में पुलिस कर्मी ही आरोपी हैं। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की मौत होती तो पुलिस कमरे को सीज करके ही जांच-पड़ताल जरूर करती। मीनाक्षी ने हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की मांग की है।
ये हुए हैं निलंबित
इंस्पेक्टर जगत नरायण सिंह, फलमंडी चौकी प्रभारी अक्षय मिश्रा, दरोगा विजय यादव, दरोगा राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव और कांस्टेबल प्रशांत कुमार।
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कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
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शासन का रुख सख्त, देर रात मेडिकल कॉलेज गए डीएम-एसएसपी
कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत के मामले में शासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं। खबर है कि अपर मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद ही जिलाधिकारी विजय किरन आनंद और एसएसपी डॉ विपिन ताडा मंगलवार देरशाम बीआरडी मेडिकल कॉलेज गए। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी में मनीष के परिजनों के साथ बातचीत की है। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
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कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
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पंचनामा भरने में भी गलती
पुलिस ने जो पंचनामा भरा है, उसमें भी गलती है। पत्नी मीनाक्षी गुप्ता के पति मनीष गुप्ता की जगह पर ससुर नंद किशोर गुप्ता का नाम दर्ज कर दिया गया था।
कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर गहमागहमी
मेडिकल कॉलेज के पुराने पोस्टमार्टम हाउस परिसर में दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा। सुबह से ही मनीष की पत्नी व घरवाले मौजूद रहे। पत्नी के सख्त रुख की वजह से पुलिस अफसर बैकफुट पर आए और मामले में इंस्पेक्टर सहित छह पुलिस कर्मियों को निलंबित करके जांच का आदेश दिया। देररात तक पत्नी शव लेकर नहीं गईं थीं। उनकी मांग थी कि एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद ही शव लेकर जाएंगी।
कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
- फोटो : अमर उजाला।
पूर्व सीएम ने भी कार्रवाई की मांग की
दिन भर घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोग सक्रिय रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर मामले में पुलिस पर सवाल उठाते हुए जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पत्नी मीनाक्षी भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात सरकार से लेकर आला अफसरों तक पहुंचाती रहीं।
कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
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पत्नी की तीन मांगें
करोबारी मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने सरकार से तीन मांग की हैं। उनका कहना है कि प्रकरण में केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस वालों का निलंबन हो और बेटे के लालन पालन की व्यवस्था की जाए। इसमें से एक मांग तत्काल मान ली गई है। पुलिस वालों को निलंबित कर कार्रवाई की गई है।