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28 साल पहले जेल में बंद पन्ना ने जेलर पर कर दिया था हमला, अब ऐसे हो गया एसटीएफ का शिकार

Sat, 11 Jul 2020 01:46 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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बदमाश पन्ना यादव। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर और महराजगंज में ताबड़तोड़ वारदातों से आतंक फैलाने वाला 50 हजार का इनामी पन्ना यादव एसटीएफ के हाथों ढेर हो गया। पुलिस को इसकी तलाश 28 साल से थी। बताया जाता है कि 1992 में इसने जेल के अंदर ही जेलर की पिटाई कर दी थी।
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गोरखपुर जेल। फाइल - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर के गुलरिहा के मंगलपुर गांव के बहुडिहवा टोला निवासी पन्नेलाल यादव ने वर्ष 1992 में एक युवती से दुष्कर्म किया था। इस मामले में गुलरिहा पुलिस ने उसके खिलाफ अभियोग दर्ज कर जेल भेज दिया था। बताया जाता है कि गोरखपुर जेल के अंदर किसी बात को लेकर जेलर से कहासुनी हो गई थी।
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पन्ना यादव। - फोटो : अमर उजाला।
मामूली बात से नाराज होकर उसने जेल के अंदर ही जेलर पर हमला कर दिया था। हालांकि इसका मुकदमा नहीं दर्ज हुआ था। इसके बाद कोर्ट में पेशी के लिए जाते समय उसने पुलिस को चकमा दे दिया और फरार हो गया था। इसके बाद ही पुलिस को इसकी तलाश थी। इसके ऊपर 50 हजार का इनाम भी रखा गया था।

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panna yadav encounter - फोटो : अमर उजाला।
जेल से भागने के बाद पन्ना घर लौटा और फिर उसने एक-एक कर बदमाशों की फौज तैयार कर ली। वह संतोष पांडेय, बबलू यादव, इंद्रपाल सिंह, नागेंद्र चौधरी, श्यामसुंदर, पिंटू और तेज प्रताप को साथ जोड़ कर आपराधिक घटनाएं करने लगा। ताबड़तोड़ लूट की घटनाएं कर वह पुलिस को लगातार चुनौतियां देने लगा।
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panna yadav - फोटो : अमर उजाला।
हालांकि हिस्ट्रीशीटर श्रीप्रकाश शुक्ला के एनकाउंटर के बाद यह अंडरग्राउंड हो गया था। इस बीच गोरखपुर एसटीएफ को सूचना मिली की पन्ना बहराइच जिले के हरदी इलाके है। सूचना मिलते ही एसटीएफ व पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पन्ना ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी हमले में उसे गोली लग गई और इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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