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कोरोना अलर्ट: वैरिएंट में बदलाव से नहीं पकड़ में आ रहे मरीज, डॉक्टर बोले- 'जरा-सी लापरवाही से जा सकती है जान'

Sun, 26 Dec 2021 01:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस के वैरिएंट में लगातार हो रहे बदलाव की वजह से कोविड जांच में नतीजे सही नहीं मिल रहे हैं। बदल रहे वैरिएंट की वजह से कई मामलों में एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। ऐसे मरीजों की संख्या बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि ऐसे मरीजों का इलाज कोविड संदिग्ध मानते हुए किया जा रहा है।

प्राचार्य ने बताया कि पहली और दूसरी लहर में 80 फीसदी नमूनों की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच में कोविड संक्रमण मिलता था। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं है। अब तक जो आंकड़े मिले हैं, उनके आधार पर 80 फीसदी मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। प्राचार्य ने सलाह दी है कि लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।
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प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ गणेश कुमार। - फोटो : अमर उजाला

प्राचार्य ने बताया कि संभावित तीसरी लहर से पहले कॉलेज की तैयारी पूरी हो चुकी है। 300 बेड के कोविड वार्ड को सक्रिय कर दिया गया है। मौजूदा समय में चार संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि दो कोविड मरीज भर्ती हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : पिक्साबे

100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड है तैयार

प्राचार्य ने बताया कि संभावित तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा बताया जा रहा है। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बनकर तैयार है। राहत की बात यह है कि पिछले चार माह के अंदर एक भी कोविड संक्रमित बच्चा नहीं मिला है। बता दें कि दूसरी लहर में करीब 1400 के आसपास बच्चे कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे।

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

23 मरीजों की जांच में तीन की रिपोर्ट आई है पॉजिटिव

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में 23 मरीज ऐसे मिले हैं, जिनमें कोविड के लक्षण हैं। इनमें केवल तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पॉजिटिव मरीजों में एक 15 वर्षीय किशोर की मौत हुई है, जबकि 20 मरीज निगेटिव मिले हैं। इन मरीजों का 300 बेड के कोविड अस्पताल में इलाज चला है। इसमें 16 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं, जबकि चार मरीजों का इलाज चल रहा है।
 

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock

बीपी और शुगर के मरीज न करें लापरवाही

प्राचार्य ने कहा कि बीपी और शुगर के मरीज बिल्कुल लापरवाही न बरतें। लक्षण मिलते ही जांच कराएं, यह न मानें कि कोविड संक्रमण नहीं है। अगर जांच रिपोर्ट निगेटिव भी आ जाती है तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें। चेस्ट का सीटी स्कैन जरूर कराएं। जरा-सी लापरवाही से जान जा सकती है।
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