गोरखपुर में छठ पूजा की तैयारी।
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पहला दिन: नहाय खाय, 17 नवंबर
छठ पर्व का आरंभ नहाय खाय से आरंभ होता है। यह 17 नवंबर दिन शुक्रवार को है। इस दिन चतुर्थी तिथि का मान दिन में 11 बजकर 38 मिनट पश्चात पंचमी तिथि, पूर्वाषाढ़ नक्षत्र संपूर्ण दिन भर और रात को दो बजकर 37 मिनट, पश्चात उत्तराषाढ़ है। इस दिन धृतियोग और प्रवर्धमान नामक औदायिक योग है और इसके अतिरिक्त स्थायीयोग (जय योग), रवियोग और द्विपुष्कर योग भी है। इस प्रकार इस दिन पांच शुभ योगों की स्थिति बन रही है। पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, छठ महापर्व का आरंभ नहाय खाय से आरंभ होता है।
नहाय-खाय के अंतर्गत व्रती महिलाएं नदी, तालाब आदि में जाकर स्नान करेंगी। घर आकर खाना बनाएंगी। खाने में कद्दू व चावल बनाया जाता है। श्रद्धालु इसे कद्दू भात कहते हैं। नहाय खाय के दिन अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी बनाई जाती है। व्रतियों के प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही परिवार के अन्य लोग भोजन ग्रहण करते हैं।
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