आज साल 2021 का आखिरी चंद्रग्रहण सुबह 11 बजकर 34 मिनट से शुरू हो गया है। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरता है तो इसे चंद्र ग्रहण कहा जाता है। यह एक खगोलीय घटना है, लेकिन इसका वैज्ञानिक के साथ ही धार्मिक महत्व भी माना जाता है। इसलिए ग्रहण के दौरान कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना आवश्यक होता है। ग्रहण के दौरान खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। इस समय गर्भवती महिलाओं को कुछ कार्य करने वर्जित माने गए हैं। मान्यता है कि इन कार्यों को करने से गर्भ में पल रहे शिशु को हानि हो सकती है। तो चलिए जानते हैं कि ग्रहण के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय।
- फोटो : अमर उजाला
ग्रहण में बरतें ये सावधानी
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, ग्रहण शब्द ही नकारात्मक है। ज्योतिष के लिहाज से ग्रहण कहीं भी लगे, दिखाई दे या न दे, लेकिन उसका प्रभाव मानव जीवन पर अवश्य पड़ता है। ऐसे में ग्रहण के दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य करने से बचें। भोजन न बनाएं। धारदार वस्तुओं का प्रयोग न करें। भगवान की प्रतिमाओं को हाथ न लगाएं। ग्रहण काल में सोना वर्जित माना जाता है। बालों में कंघी न करें। ग्रहण के समय दातुन न करें।
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ज्योतिर्विद मनीष मोहन
- फोटो : अमर उजाला।
ग्रहण और इसके बाद करें ये काम
ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन के अनुसार, ग्रहण के समय बिना भगवान को छुए मन में अपने ईष्ट देव की आराधना करें। ग्रहण लगने से पहले खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी के पत्ते डालकर रख दें। ग्रहण की समाप्ति के बाद घर की सफाई कर खुद भी स्नान कर स्वच्छ हो जाएं। स्नान के बाद आटा, चावल आदि खाद्य सामग्री जरूरतमंदों को दान करें।
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Chandra Grahan 2021।
- फोटो : shutterstock
ग्रहण में गर्भवती महिलाएं रखें विशेष ध्यान
ग्रहण लगने से लेकर समाप्ति तक गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार से काटना, सिलना या पिरोना जैसे कार्य जिसमें सुई या धारदार चीजों का प्रयोग हो नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इससे गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।
वैसे तो बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण काल के नियमों में छूट होती है लेकिन हो सके तो गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान कुछ भी खाना नहीं चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस समय रखा हुआ खाना दूषित हो जाता है।
धार्मिक मान्यताएं कहती हैं कि ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को सोना नहीं चाहिए। इस समय मानसिक रूप से ईश्वर का स्मरण करना चाहिए। ग्रहण काल के दौरान जीभ पर तुलसी का पत्ता रखकर दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल के दौरान घर में ही रहना चाहिए। माना जाता है कि इस समय ग्रहण की छाया पड़ना शुभ नहीं रहता है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को ग्रहण बिल्कुल नहीं देखना चाहिए। मान्यता है कि इससे गर्भ में पल रहे शिशु की मानसिक और शारीरिक सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रहण काल समाप्त होने के बाद गर्भवती स्त्रियों को स्नान अवश्य कर लेना चाहिए, अन्यथा गर्भस्थ शिशु को त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। ऐसा मान्यताएं कहती हैं।
साल 2021 में लगे कितने चंद्र ग्रहण
साल 2021 में दो चंद्र ग्रहण का योग बना था। पहला चंद्र ग्रहण 26 मई 2021 में लगा था और आज यानि 19 नवंबर को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगा है। इसके बाद 16 मई 2022 को अगला चंद्र ग्रहण लगेगा।