गोरखपुर जिले के रामगढ़ताल में दो दिन बाद फिर घड़ियाल देखा गया। इस बार सहारा इस्टेट के पहले पुलिया के पास बुधवार देर शाम घड़ियाल दिखने के बाद लोगों का जमघट लग गया। लिहाजा, संचालक ने एहतियातन पैडल बोटिंग को बंद कर दिया है। बता दें कि सोमवार को रामगढ़ ताल में घड़ियाल देखा गया था। जल निगम के एक अधिकारी के द्वारा इसका वीडियो भी बनाया गया था। काफी बड़े आकार का घड़ियाल होने की वजह से काफी खतरे की आशंका भी बनी हुई है। वजह यह है कि ताल में पैडल बोटिंग के अलावा ताल के पानी से जलकुंभी निकालने का काम किया जाता है।
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
खतरे की आशंका को देखते हुए पैडल बोट संचालक ने बुधवार सुबह से बोटिंग बंद कर दी। वहीं बुधवार शाम को सहारा इस्टेट से पहले पुलिया के पास लोगों ने घड़ियाल को देखा। इसके बाद वहां लोगों का हुजूम लग गया, लेकिन कुछ ही देर में नजरों से घड़ियाल के ओझल हो जाने के बाद भी काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही।
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रामगढ़ताल।
- फोटो : अमर उजाला।
संचालक राधेश्याम साहनी ने बताया कि इस संबंध में किसी भी विभाग की ओर से कोई दिशा निर्देश नहीं आया है, लेकिन एहतियातन बुधवार से पैडल बोटिंग को बंद कर दिया गया है।
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राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, इस समय राप्ती नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इस वजह से शहर के बड़े नालों का जो पानी राप्ती नदी में जाता है वह रिवर्स होकर नाले में आ रहा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गोड़धोइया नाले से घड़ियाल रामगढ़ताल में आ गया होगा।
जलकुंभी निकालना और मछली मारना भी खतरनाक
इस समय रामगढ़ताल से जलकुंभी निकाली जा रही है। मशीन के अलावा मजदूर हाथ से भी जलकुंभी निकाल रहे हैं। घड़ियाल इन लोगों पर भी आक्रमण कर सकता है। वहीं, ताल में मछली मारने के लिए भी कई लोग पानी में उतरते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। घड़ियाल कभी भी किसी पर भी हमला कर सकता है।