गोरखपुर आईसीएमआर आरएमआरसी।
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इन बीमारियों का चल सकेगा पता
- इम्युनोलॉजी: वैक्सीन की प्रतिरोधक क्षमता तथा उसके प्रभाव पर शोध।
- मेडिकल इंटेमोलॉजी: डेंगू, चिकनगुनिया, इंसेफेलाइटिस आदि के वाहक कीटों पर शोध होगा।
- हेल्थ कम्युनिकेशन: बीमारियों की रोकथाम के उपायों के प्रचार-प्रसार का प्रमुख जरिया बनेगा। पूर्वांचल में होने वाली नई बीमारियों का पता चल सकेगा।
आरएमआरसी मीडिया प्रभारी डॉ अशोक पांडेय ने कहा कि फ्लोसाइटोमीटर मशीन से कोशिकाओं के अंदर होने वाली छोटी-छोटी बीमारियों का पता लगाया जा सकेगा। इससे ब्लड कैंसर का भी पता लग जाएगा। यह मशीन अमेरिका से आ गई है, जिसे जल्द ही लगा दिया जाएगा। इसके बाद से पूर्वांचल में होने वाली नई बीमारियों पर शोध किया जा सकेगा।