फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्योतिष और आयुर्वेद महासमागम: हर विधा के माहिर बांचेंगे आपका भविष्य, सीएम योगी होंगे मुख्य अतिथि

Tue, 12 Apr 2022 01:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

गुरु गोरखनाथ की धरती पर 16-17 अप्रैल को आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी में आयोजित होने वाले अमर उजाला-गैलेंट ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम में 16 अप्रैल को सभी तरह के परामर्श निशुल्क मिलेंगे। मौका पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा।
विज्ञापन
गोरखपुर में सीएम योगी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमर उजाला-गैलेंट ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम में प्राच्य महाविद्याओं के सहयोग से आपकी हर चिंता का समाधान का प्रयास होगा। आपके पास भले ही कुंडली न हो और भविष्य जानना चाहते हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। भविष्य बांचने की प्राचीन विधाओं का मानना है कि हाथ की रेखाओं, आपके हस्ताक्षर, आपके मस्तिष्क की रेखाओं के अलावा आपके चेहरे पर आपका भविष्य लिखा है। भले ही यह आपको दिखाई नहीं देता हो, लेकिन ज्योतिष महासमागम में आने वाले भविष्यवक्ता इसे देख और बांच सकते हैं।

विज्ञापन


गुरु गोरखनाथ की धरती पर 16-17 अप्रैल को आरपीएम एकेडमी ग्रीन सिटी में आयोजित होने वाले अमर उजाला-गैलेंट ज्योतिष-आयुर्वेद महासमागम में 16 अप्रैल को सभी तरह के परामर्श निशुल्क मिलेंगे। मौका पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। महासमागम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। इसके आयोजन में गैलेंट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मयंक अग्रवाल का विशेष योगदान है। आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के प्रबंध निदेशक अजय शाही व वाइस चेयरमैन आराधना शाही का विशेष सहयोग है। होटल रेडिसन ब्लू के प्रबंध निदेशक डॉ अरुण चन्द और महाप्रबंधक अभिषेक कुमार सिंह का भी विशेष सहयोग है।

 

केए दूबे पद्मेश
वैदिक ज्योतिष के क्षेत्र में केए दुबे पद्मेश बहुत बड़ा और प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने ज्योतिष पर कई किताबें लिखी हैं। उनके पढ़ाए हुए कितने ही छात्र और छात्राएं आज देश-दुनिया में ज्योतिष विद्या के माध्यम से लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं। उनकी कई भविष्यवाणियां समय-समय पर सही साबित हो चुकी हैं। पिछले 42 वर्षों से अधिक समय से वह बेटियों की कुंडलियां नि:शुल्क बना रहे हैं।

 

पंडित सतीश शर्मा
वास्तु को लेकर अगर कोई समस्या है तो आपके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात जयपुर निवासी पंडित सतीश शर्मा इस महासमागम में उपलब्ध रहेंगे। पंडित सतीश शर्मा को वास्तु के क्षेत्र में विशिष्ट सम्मान हासिल है। वे नक्शा देखते ही भवन के सारे गुण और दोष बता देते हैं। पंडित सतीश शर्मा, इंडियन काउंसिल ऑफ स्ट्रोलॉजिकल साइंसेज के उपाध्यक्ष और ज्योतिष मंथन पत्रिका के मुख्य संपादक हैं।
 

डॉ सोहिनी शास्त्री    
कोलकाता की ज्योतिषी डॉ. सोहिनी शास्त्री गूगल पर भारत में सबसे अधिक खोजी जाने वाली ज्योतिषी हैं। डॉ. सोहिनी शास्त्री ने कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। विश्वविद्यालय और डॉक्टरेट जैसी उपाधियों से सम्मानित डॉ. सोहिनी का उत्कृष्ट रिकॉर्ड और उपलब्धियां उन्हें बॉलीवुड हस्तियों और प्रसिद्ध व्यवसायियों में लोकप्रिय बना रखा है। वह पश्चिम बंगाल की एकमात्र ज्योतिषी हैं, जिन्हें विभिन्न इंटरनेट चुनावों और प्रमुख डिजिटल मीडिया द्वारा भारत में शीर्ष पांच ज्योतिषियों के रूप में नामित किया गया है।   
 

पंडित जय गोविंद शास्त्री
पंडित जय गोविंद शास्त्री कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की भविष्यवाणियां कर चुके हैं। वैदिक ज्योतिष के साथ ही वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा पर आधारित समुद्र शास्त्र के भी विशेषज्ञ हैं। ज्योतिष के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए प्रधानमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया है। इसके अलावा कनाडा सरकार भी उन्हें सम्मानित कर चुकी है।
 

डॉ अंजू शर्मा
डॉ अंजू शर्मा एक जानी-मानी मनोचिकित्सक, साउंड और एनर्जी मास्टर हैं। डॉ अंजू को वैकल्पिक चिकित्सा और अन्य थेरेपी के क्षेत्र में 10 वर्ष का अनुभव है। वह एक सर्टिफाइड अरोमा थेरेपी फैसिलिटेटर भी हैं। साइंटिफिक वास्तु हीलिंग में मास्टर ट्रेनर और एनर्जी एवं रेडिएशन हीलर हैं। डॉ. अंजू शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान कार्य के लिए 14 से अधिक अंतरराष्टीय और राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं।
 

नीलम शर्मा
नीलम शर्मा पिछले 17 वर्षों से ज्योतिष व वास्तु विशेषज्ञ के रूप में काम कर रही हैं। वह पराशरी ज्योतिष प्रणाली की विशेषज्ञ हैं। साथ ही अपनी सटीक भविष्यवाणियों के लिए जानी जाती हैं। वह रत्न विद्या, अष्टक वर्ग, हस्तरेखा और वास्तु शास्त्र में भी माहिर हैं। नीलम शर्मा ज्योतिष शास्त्र पर आधारित कुंडली विवेचन व फलित सिद्धांत पुस्तकों के लेखन में सक्रिय हैं। अपने वास्तु शास्त्र के सटीक अनुभवों से कई बंद होने के कगार पर पहुंच चुके कारखानों को पुन: जीवंत करने में सहायता प्रदान की है।
 

संजीव कुमार श्रीवास्तव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध नाड़ी और वैदिक सेलिब्रिटी ज्योतिषी हैं संजीव कुमार श्रीवास्तव। 55 से अधिक देशों में चिकित्सा ज्योतिष, वास्तु में विशेषज्ञ, न्यूमेरोलॉजी, हस्तरेखा, उपाय, मंत्र जैसे विषय में परामर्श देते हैं। नाड़ी और वैदिक सेलिब्रिटी ज्योतिषी पंडित संजीव कुमार श्रीवास्तव गुरुग्राम में रहते हैं। इन्होंने नाड़ी ज्योतिष में उच्चतम शिक्षा प्राप्त की है। इसी कारण पिछले 22 वर्षों से सटीक भविष्यवाणी कर रहे हैं। वह आर्ट ऑफ लिविंग के हैप्पीनेस शिक्षक व वैदिक धर्म संस्थान के पैनल ज्योतिषी भी हैं। वह एक ज्योतिषी के परिवार से हैं। उन्होंने 9 वर्ष की आयु से ही ज्योतिष गुण सीखने शुरू कर दिए थे।
               

सुरेश श्रीमाली
श्रीमाली ने बहुत ही कम उम्र में ऊंचाइयां हासिल की हैं। मार्गदर्शन और सेवाओं के जरूरतमंद लोगों की सेवा करने की ललक उनके भीतर बचपन से थी। इसलिए, अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने ज्योतिष अध्यात्मवाद को अपना प्रमुख मिशन बनाया और ज्योतिषीय अध्यात्मवाद के प्रकाश की आवश्यकता वाले लोगों को प्रबुद्ध करने का संकल्प लिया। उन्होंने  फेंग-शुई, वास्तु शास्त्र, पिरामिड शास्त्र और प्रार्थना या पूजा के तरीके जैसे अन्य विषयों पर कई तरह की किताबें लिखी हैं।
 
विज्ञापन

पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश
उत्तर प्रदेश के मेरठ के मूल निवासी व वर्तमान में ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड और रामपुर देहात क्षेत्र उत्तर प्रदेश में कार्यरत पद्मश्री सम्मानित वैद्य बालेंदु प्रकाश ने रसशास्त्र पर आधारित चिकित्सा का ज्ञान अपने स्वर्गीय पिता वैद्य चंद्र प्रकाश से प्राप्त किया था, जोकि नाथ संप्रदाय के संन्यासी योगी चैतन्या पाराशर (महाराज जी) के परम अनुयायी एवं शिष्य थे। गुरु जी द्वारा प्रदत्त ज्ञान के आधार पर पारद एवं धातु से निर्मित की जाने वाली औषधियों से वैद्य बालेंदु ने रक्त कैंसर के एक प्रकार की सफल चिकित्सा को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली में एक शोध प्रायोजना में वर्ष 1997 से 2000 के बीच सफलतापूर्वक स्थापित किया है।

इसके लिए उन्हें अमेरिका व यूरोपीय पेटेंट प्रदान करने के साथ भारत सरकार की ओर से 1999 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। पारा, तांबा और गंधक के योग से तीन वर्षों में तैयार की जाने वाली औषधि एवं आयुर्वेदिक सिद्धांतों के समन्वय से घातक एवं जानलेवा समझे जाने वाली क्रॉनिक पॅनक्रियेटेटिस रोग से पीड़ित लगभग 1500 लोगों की उल्लेखनीय सफलता के साथ चिकित्सा कर वैद्य बालेंदु प्रकाश ने रसशास्त्र के पुनर्स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।

वैद्य बालेंदु प्रकाश द्वारा लगभग 38 शोधपत्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित किया जा चुका है। इंडियन कोऑपरेटिव ऑन्कोलॉजी नेटवर्क, इंटरनेशनल हेड एक सोसाइटी, यूके व अमेरिकन पॅंक्रिटिक एसोसिएशन ने उन्हें अपनी सदस्यता से नवाजा है। वैद्य बालेंदु प्रकाश के अनुसंधानपरक विचार शैली एवं सतत प्रयासों से जीर्ण एवं असाध्य माइग्रेन, आहार जन्य रक्ताल्पता व रुतान, जीर्ण सर्दी के रोगियों में आयुर्वेदिक चिकित्सा को विश्वसनीय एवं प्रामाणिक स्तर पर स्थापित किया गया है। हाल ही में भारत सरकार के नीति आयोग में वैद्य बालेंदु प्रकाश के अनुसंधान कार्य का संज्ञान लेते हुए एक उच्च स्तरीय वैज्ञानिकों के दल का गठन किया है। इसके मुताबिक रसशास्त्र को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें