गोरखपुर जिले के सहजनवां में लगीं दो फैक्ट्रियां राख उगल रही हैं। इससे आसपास के करीब पांच हजार की आबादी रोजाना घुट-घुटकर जीने को मजबूर है। स्थिति इतनी खराब हैं कि खिड़कियां हमेशा बंद रखने के बावजूद घरों में राख की काली परत बिछ जा रही है। लोगों ने छत पर जाना भी बंद कर दिया है। शाम को लोग बच्चों को खेलने के लिए नहीं भेजते हैं। ज्यादातर लोग सांस के रोगी हो गए हैं। एलर्जी भी होने लगी है। एक तरह से कहा जाए तो यहां के लोग राख के ढेर में जी रहे हैं। कभी बड़े अरमानों के साथ अपनी मेहनत की कमाई से बनाया गया आशियाना लोग अब बेचने की तैयारी करने लगे हैं।
सहजनवां कस्बे से सटा इलाका है सहबाजगंज। इसी के पास में लगीं दो इस्पात की फैक्ट्रियों में सरिया और पटिया बनाया जाता है। ये फैक्ट्रियां 24 घंटे चलती हैं। पांच दिन पहले इस इलाके का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे देखने के बाद पहले तो लोग समझे कि आग लग गई है। लेकिन, बाद में पता चला कि फैक्ट्ररी से निकली राख का गुबार है। इसकी शिकायत भी लोगों ने गीडा प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से की है।
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