गोरखपुर में पिछले वर्ष अप्रैल माह की तुलना में इस वर्ष करीब 20 गुना ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र नगर निगम में बनाए गए हैं। वही पिछले वर्ष मई में जितने मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए थे तकरीबन उतने ही मृत्यु प्रमाण पत्र आधे मई में ही बन चुके हैं। ये दोनों महीने वह है जिस दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की मौतों की संख्या सबसे ज्यादा रही है। अगर मार्च के भी आप लोगों को जोड़ दिया जाए तो 3 महीने के दौरान 1201 मृत्यु प्रमाण पत्र नगर निगम की ओर से जारी किए गए जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा मात्र 732 था। होली के बाद से कोरोना की दूसरी लहर काफी तेजी से फैली है। इस दौरान काफी संख्या में लोगों की मौतें भी हुई है जो अब तक जारी है। राप्ती तट स्थित अंत्येष्टि स्थल पर शुरुआत में जहां रोजाना 70 से 80 कोरोना संक्रमण की वजह से होने वाले शवों का दाह संस्कार किया जाता था जो अब घटकर 20-22 के आसपास रह गया है।